‘लक्ष्मी का रूप हैं बेटियां!’ सितंबर के चौथे रविवार को ही क्यों मनाते हैं National Daughter’s Day?

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बेटियों के बिना घर-आंगन खाली-खाली सा लगता है, क्योंकि बेटियां ही घर-आंगन को अपनी मौजूदगी से सजाती हैं और उसमें खुशियां फैलाती हैं। ऐसे में दुनिया भर की बेटियों के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने के लिए आज राष्ट्रीय बेटी दिवस (National Daughter’s Day) मनाया जा रहा है।

दुनिया भर के माता-पिता और उनकी बेटियों के बीच अनोखे व अटूट बंधन का सम्मान करने के लिए हर साल सितंबर महीने के चौथे रविवार को राष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाता है, जो कि इस साल 28 सितंबर 2025 को है। भारत में यह दिन इसलिए भी खास है, क्योंकि यह परिवार और समाज में बेटियों के प्रति प्यार, सम्मान और उनके महत्व को दर्शाता है। इस दिवस को पहली बार साल 2007 में मनाया गया था, तब से लेकर हर साल इसे बेटियों के सम्मान में मनाया जाता है।

बेटी दिवस का महत्व और उद्देश्य

राष्ट्रीय बेटी दिवस बेटियों के प्रति प्यार, कृतज्ञता और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। तमाम माता-पिता अपनी बेटियों के लिए इस दिन को अपने-अपने अंदाज में खास बनाने की कोशिश करते हैं।

यह दिवस पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ने और परिवार व सामाजिक संरचनाओं में बेटियों को बराबर का महत्व देने पर जोर देने का प्रयास करता है। कई संस्कृतियों में बेटों की तुलना में बेटियों को कम आंका जाता है, लेकिन यह दिन लैंगिक समानता (Gender Equality) को लेकर जागरूकता बढ़ाता है। यह बेटियों के प्रति प्यार, सम्मान जाहिर करने के साथ ही उनके महत्व को समझाने पर जोर देता है।

आपकी बेटी के लिए प्यार भरे विशेज और कोट्स:

१. लक्ष्मी का रूप हैं बेटियां, सरस्वती का मान हैं बेटियां। शक्ति का प्रतीक हैं बेटियां, धरती पर वरदान हैं बेटियां। हैप्पी डॉटर्स डे!

२. बेटी बिना नहीं सजता घरौंदा, बेटी ही है संस्कारों का परिंदा। अगर दोगे उसे भी खुला आसमान, तो बेटी भी बढ़ाएगी परिवार का नामहैप्पी डॉटर्स डे!

३. खिलती हुईं कलियां हैं बेटियां, मां-बाप का दर्द समझती हैं बेटियां। घर को रोशन करती हैं बेटियां, लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियां। हैप्पी डॉटर्स डे!

४. मेरा बेटा तब तक मेरा बेटा है, जब तक उसे पत्नी नहीं मिल जाती। लेकिन मेरी बेटी तब तक मेरी बेटी है, जब तक मेरी जिंदगी खत्म नहीं हो जातीहैप्पी डॉटर्स डे!

५. देवी का रूप हैं बेटियां, देवों का मान हैं बेटियां। परिवार के कुल को जो रोशन करें, वो चिराग हैं बेटियां। हैप्पी डॉटर्स डे!

६. जिनके घरों में बेटियां होती हैं, उनके घरों को चिरागों की जरूरत नहीं पड़ती है। हैप्पी डॉटर्स डे!

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