‘त्याग और सेवा ही संघ की सच्ची शक्ति’ PM मोदी ने बताया विजयादशमी क्यों है खास, लता मंगेशकर को भी किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड के जरिए देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), बंगाल की दुर्गा पूजा और महर्षि वाल्मीकि के योगदान पर बात की।
आरएसएस का शताब्दी वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह विजयादशमी एक और कारण से बेहद खास है, क्योंकि इस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने आरएसएस की एक शताब्दी की यात्रा को ‘अद्भुत, अभूतपूर्व और प्रेरणादायक’ बताया।
उन्होंने कहा कि जब 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों की गुलामी से जूझ रहा था, जिससे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंची थी। पीएम मोदी ने कहा कि “त्याग और सेवा की भावना और अनुशासन की शिक्षा, संघ की सच्ची शक्ति है।” उन्होंने कहा कि आरएसएस सौ वर्षों से अथक और अविचल रूप से राष्ट्र सेवा में लगा हुआ है, इसीलिए जब भी देश में प्राकृतिक आपदा आती है, तो स्वयंसेवक सबसे पहले पहुंचते हैं। उनकी भावना में ‘राष्ट्र प्रथम’ सदैव सर्वोपरि रहता है।
दुर्गा पूजा और लता मंगेशकर पीएम मोदी ने इस दौरान बंगाल के दुर्गा पूजा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों के कारण, कोलकाता की दुर्गा पूजा यूनेस्को की सूची का हिस्सा बनी है। इसके साथ ही, उन्होंने स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर याद करते हुए नमन किया।
महर्षि वाल्मीकि और राम मंदिर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले महीने, 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है, जिन्होंने मानवता को रामायण का अद्भुत महाकाव्य दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण के राम सेवा, सद्भाव और करुणा के साथ सभी को गले लगाते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण के राम केवल माता शबरी और निषादराज के साथ पूरे होते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया, “जब आप राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या आएं, तो महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिरों के दर्शन भी करें।”