फूलगोभी या ब्रोकली, कौन है ज़्यादा फ़ायदेमंद? कम कैलोरी में वज़न घटाने का मैजिक किसमें है?
आज के समय में सेहतमंद भोजन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। खासकर जब बात आती है हरी-भरी सब्ज़ियों की, तो ब्रोकली (Broccoli) और फूलगोभी (Cauliflower) को सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है। दोनों ही क्रूसिफेरस परिवार की सदस्य हैं और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कैलोरी के मामले में इन दोनों में कितना फ़र्क होता है और कौन सी सब्ज़ी किसके लिए ज़्यादा उपयुक्त है?
आइए, विस्तार से जानते हैं ब्रोकली और फूलगोभी के पोषण, कैलोरी, और फायदे:
कैलोरी का मुकाबला:
ब्रोकली और फूलगोभी दोनों ही लो-कैलोरी सब्ज़ियां हैं, लेकिन ब्रोकली में कैलोरी की मात्रा थोड़ा अधिक होती है। १०० ग्राम ब्रोकली में लगभग ३४ कैलोरी होती हैं, जबकि फूलगोभी में १०० ग्राम पर करीब २५ कैलोरी ही होती हैं। यह फ़र्क इसलिए है क्योंकि ब्रोकली में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन की मात्रा फूलगोभी की तुलना में थोड़ी ज़्यादा होती है।
ब्रोकली के विशेष फायदे:
ब्रोकली को ‘सुपरफूड’ माना जाता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C, विटामिन K, फोलेट, और फाइबर होते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है, जो शरीर को कैंसर, दिल की बीमारी और अन्य रोगों से बचाने में मदद करता है। वज़न घटाने वालों के लिए ब्रोकली बेहद फायदेमंद है क्योंकि यह जल्दी पचती है और भूख को भी नियंत्रित करती है।
फूलगोभी के विशेष फायदे:
फूलगोभी में भी विटामिन C, K, और फाइबर होते हैं, साथ ही यह पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, फूलगोभी में कैलोरी कम होने के कारण डायबिटीज़ या वज़न नियंत्रण में रखने वाले लोग इसे आसानी से आहार में शामिल कर सकते हैं। यह सब्ज़ी हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करती है।
कौन किसके लिए सही?
- वज़न कम करने वाले: फूलगोभी हल्की होने के कारण वज़न कम करने वालों के लिए एक बेहतर विकल्प है।
- विटामिन और मिनरल की ज़रूरत: ब्रोकली उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिन्हें अधिक पोषण की ज़रूरत होती है।
- डायबिटीज़ के मरीज़: दोनों ही सब्ज़ियां फाइबर से भरपूर होने के कारण ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करती हैं, पर फूलगोभी थोड़ी हल्की होने से बेहतर मानी जाती है।
- पाचन के लिए: फूलगोभी को पचाने में तुलनात्मक रूप से आसान माना जाता है।
सेवन का तरीका: दोनों सब्ज़ियों को आप स्टीम करके, सब्ज़ी के रूप में, या सलाद में कच्चा भी खा सकते हैं। ध्यान रखें कि ज़्यादा पकाने से इनके पोषक तत्व कम हो सकते हैं, इसलिए हल्का पकाना या कच्चा खाना ज़्यादा फायदेमंद रहता है।