रोग प्रबंधन से लेकर मंडी भाव तक, बिहार कृषि रेडियो App से किसानों को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे, जानिए क्या है खास
कानून के क्षेत्र में कॅरियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए ये अहम खबर है। देश की अदालतों में वकील के तौर पर काम शुरू करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में पंजीकरण कराना जरूरी है। पंजीकरण के लिए बीसीआई ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE-20) का आयोजन करता है। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो चुके हैं। इसके लिए जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक इस परीक्षा को देने के इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण की आखिरी तरीख 28 अक्टूबर, 2025 है। इस परीक्षा में सफल होने के लिए सामान्य और ओबीसी उम्मीदवारों को 45% और एससी एवं एसटी व दिव्यांग उम्मीदवारों को 40% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
माननीय उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि रेडियो प्रसार प्रणाली की शुरुआत की। कृषि भवन पटना स्थित मीडिया सेंटर में इस क्रांतिकारी पहल का शुभारम्भ किया गया, जहाँ कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार भी उपस्थित थे।
श्री सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि “एग्रीकल्चर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिलकर कृषि तकनीक में नई क्रांति ला सकते हैं। यह किसानों को न केवल उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी प्रदान करेगा।” उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने हेतु आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है।
‘बिहार कृषि रेडियो’: 24×7 डिजिटल सेवा
“बिहार कृषि रेडियो” नामक यह डिजिटल रेडियो सेवा शुरू की गई है, जिसे प्ले-स्टोर और ऐप-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप्लीकेशन किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।
इस App पर मिलेगी ये महत्वपूर्ण जानकारी:
- मौसम पूर्वानुमान
- फसल रोग प्रबंधन
- कृषि योजनाओं
- बाजार भाव और मंडी की स्थिति
AI आधारित विश्लेषण और इंटरैक्टिव सुविधा
इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण शामिल है, जो मौसम, मिट्टी और बाजार से जुड़े डाटा का अध्ययन कर किसानों को त्वरित जानकारी प्रदान करेगा। यह रेडियो सेवा क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और 24×7 संचालित रहेगी। इसके अतिरिक्त, यह किसानों को इंटरैक्टिव सुविधा भी देगी, जिसके माध्यम से वे अपने सवालों का उत्तर सीधे एआई प्रणाली से प्राप्त कर सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रणाली कृषि जगत में सूचना क्रांति ला