सामाजिक शांति भंग करने की साजिश की होगी जांच, अहिल्यानगर हिंसा पर मुख्यमंत्री फडणवीस का कड़ा बयान
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (Ahilyanagar) में सोमवार को सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे जाने के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस लेखन पर आपत्ति जताई और प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो जल्द ही पथराव में बदल गया। पुलिस को पत्थर फेंक रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने अहिल्यानगर-छत्रपति संभाजीनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने सड़क पर लिखने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार की सुबह कोटला (Kotla) क्षेत्र में प्रदर्शन शुरू हुआ था।
गिरफ्तारी के बावजूद पथराव, पुलिस का बल प्रयोग
अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बावजूद कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह करने के बाद भी भीड़ में से कुछ लोगों ने पथराव (Stone-pelting) शुरू कर दिया। इसके बाद, पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लेने के लिए मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा।
अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घर्गे (Somnath Gharge) ने जानकारी दी कि प्रदर्शन, सड़क अवरोध और पथराव के सिलसिले में ३० लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि क्या सामाजिक शांति भंग करने के लिए कोई साजिश (Conspiracy) रची गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर कोई अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन माहौल बिगाड़ने की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।