बरेली हिंसा के तीनों मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मौलाना तौकीर, नदीम और डॉ. नफीस की ‘खतरनाक साजिश’ का पर्दाफाश!
बरेली हिंसा के तीनों मास्टरमाइंड—मौलाना तौकीर रजा, नदीम और डॉ. नफीस—को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि नदीम, जिसे मौलाना का ‘बायाँ हाथ’ माना जाता है, ने ही व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए लोगों को बरेली बुलाया था।
‘खतरनाक’ साज़िश का खुलासा
पुलिस जाँच में सामने आया है कि इन मास्टरमाइंडों की साज़िश बेहद खतरनाक थी। योजना के मुताबिक़, जुमे की नमाज़ के बाद बवाल मचाने के लिए लगभग ४०,००० लोगों को बुलाने का प्लान था और उन्हें ३९० मस्जिदों में १००-१०० के समूहों में ठहराने की व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने यह भी बताया है कि बवाल मचाने की साज़िश बहुत पहले रची गई थी।
नदीम की मुख्य भूमिका
मिली जानकारी के अनुसार, नदीम ने कुल ५५ लोगों को व्हाट्सऐप कॉल किए थे, जिन्होंने शहर में हिंसा फैलाने के लिए १६०० लोगों को इकट्ठा किया। इन लोगों को सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शनों की तरह नाबालिगों को आगे रखने के लिए कहा गया था। इन्हीं लोगों ने खलील स्कूल तिराहे और पीर श्यामगंज के पास माहौल बिगाड़ा। नदीम ने एक पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए थे, जिसके लिए उस पर अलग से कार्रवाई हो सकती है। वह लूटे गए वायरलेस सेट से पुलिस की गतिविधियों पर नज़र रख रहा था।
पेट्रोल की बोतलें और सख़्ती
बरेली के कोतवाली इलाके का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग बोतलों में पेट्रोल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा बोतलों में पेट्रोल देने पर प्रतिबंध है।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
बरेली हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक कुल ६२ उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ १० मामले दर्ज किए गए हैं। आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता डॉ. नफीस को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिसे हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बरेली नगर निगम और बरेली विकास प्राधिकरण ने नफीस के कार्यालय और ७४ दुकानों को सील कर दिया है। इसके अलावा, मौलाना तौकीर के रिश्तेदारों की १५० करोड़ रुपये की संपत्ति भी ज़ब्त की गई है। शनिवार शाम को बंद की गई इंटरनेट सेवाएँ आज सुबह से बहाल कर दी गई हैं।