“ट्रम्प के टैरिफ युद्ध का जवाब स्वदेशी और आत्मनिर्भरता”-विजय दशमी पर RSS प्रमुख का संदेश

नागपुर: विजय दशमी के अवसर पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पारंपरिक उत्सव में बोलते हुए, सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ युद्ध का हवाला दिया और कहा कि दुनिया भले ही आपस में जुड़ी हुई है, लेकिन यह निर्भरता कभी भी ‘विवशता’ में नहीं बदलनी चाहिए। भारत को अपने उत्पादन पर निर्भर रहना चाहिए और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

आत्मनिर्भरता का कोई विकल्प नहीं:

भागवत ने कहा, “आत्मनिर्भर होने पर हम अपनी मर्जी से काम कर पाएंगे। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का कोई विकल्प नहीं है। कोई भी देश अकेले नहीं रह सकता। दुनिया में आपसी निर्भरता रहेगी ही, लेकिन वह बाध्यता बनकर न रह जाए।” उनका मानना है कि आत्मनिर्भरता से भारत को अपनी नीतियां तय करने की स्वतंत्रता मिलेगी।

नेपाल आंदोलन ‘खराब संकेत’:

RSS के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दिए गए इस संबोधन में उन्होंने केवल अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश की राजनीतिक अस्थिरता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने हाल ही में नेपाल में Gen Z आंदोलन के कारण हुई केपी ओली सरकार के पतन को ‘खराब संकेत’ बताया। भागवत के अनुसार, हिंसक आंदोलनों से कोई परिणाम नहीं मिलता, बल्कि वे देश में अराजकता पैदा करते हैं और विदेशी शक्तियों को हस्तक्षेप करने का मौका देते हैं।

राजनीतिक क्रांति पर भागवत की चेतावनी:

राजनीतिक क्रांतियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए भागवत ने कहा, “इतिहास में एक बार भी नहीं देखा गया कि राजनीतिक क्रांति अपने असली लक्ष्य को पूरा कर पाई हो। बल्कि ये अंततः दूसरे देशों के स्वार्थ सिद्ध करने का रास्ता खोल देती हैं।” इसलिए, उन्होंने सरकार के साथ मतभेद होने पर उसे कानूनी तरीके से उठाने की सलाह दी। उनका स्पष्ट संदेश था: “अराजकता का व्याकरण बंद होना चाहिए।”

दिन की शुरुआत में भागवत ने परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजा की। नागपुर के रेशिमबाग मैदान में RSS के विजय दशमी उत्सव में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ पिनाका एमके-1, पिनाका एनहांस्ड रॉकेट सिस्टम और ड्रोन मॉडल जैसे आधुनिक हथियारों के प्रतिरूप भी प्रदर्शित किए गए।

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