‘I love Muhammad’ विवाद, ‘बरेली में 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, हिंसा के आरोप में 81 गिरफ्तार; कांग्रेस नेताओं ने लगाया नजरबंद करने का आरोप

आई लव मुहम्मद’ विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। यहां प्रशासन ने अगले 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, कांग्रेस नेता दानिश अली और इमरान मसूद ने आरोप लगाया है कि उन्हें बरेली जाने से रोकने के लिए ‘हाउस अरेस्ट’ किया गया है।

इंटरनेट बंद और गिरफ्तारी

बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में गुरुवार तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बरेली प्रशासन ने 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरे शहर में मोबाइल इंटरनेट, डेटा और ब्रॉडबैंड सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया है। शहर में 4 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप

कांग्रेस नेता और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को उनके सहयोगी शाहनवाज खान के साथ बरेली जाने से रोकने के लिए नजरबंद कर दिया गया है। मसूद ने कहा कि वह बरेली जाकर एक मीटिंग करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने तक नहीं दिया। अमरोहा के पूर्व सांसद दानिश अली ने भी आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर उन्हें जबरन नजरबंद कर दिया गया है।

दंगाइयों पर सख्त पुलिस कार्रवाई

बरेली में संदिग्ध दंगाइयों और उनके समर्थकों पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है। बुधवार को हिंसा में शामिल दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि बरेली के सीबीगंज इलाके में हुई मुठभेड़ में इदरीस और इकबाल गोली लगने से घायल हो गए, जिनका पुलिस हिरासत में इलाज चल रहा है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इदरीस के खिलाफ चोरी, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इकबाल पर भी इसी तरह के आरोपों में लगभग 17 मामले दर्ज हैं। दोनों इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलवी तौकीर रजा खान के सहयोगी नदीम खान के संपर्क में थे। तौकीर रजा “आई लव मुहम्मद” विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड है और वह पहले से ही जेल में है।

क्या है ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद?

26 सितंबर को शुक्रवार की नमाज के बाद बरेली के कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर 2 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई और इसके बाद पथराव हुआ, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह हिंसा तौकीर रजा खान द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द करने से शुरू हुई थी। पुलिस ने अब तक 180 नामजद और 2,500 अज्ञात लोगों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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