क्या आपका मोटापा और थकान थायराइड के कारण है? एक्सपर्ट से जानें वो ७ चीज़ें जिन्हें डाइट से तुरंत हटाना है!

थायराइड की समस्या हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है, और यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में तेज़ी से फैल रही है। अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन के अनुसार, हाइपरथायरायडिज्म या हाइपोथायरायडिज्म एक गंभीर एंडोक्राइन ग्लैंड डिसऑर्डर है जो तेज़ी से वजन घटाने या बढ़ाने और पेट संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। थायराइड के इलाज में दवा के साथ-साथ आहार पर विशेष ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, थायराइड को कंट्रोल में रखने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज़ करना चाहिए, अन्यथा आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

थायराइड मरीज़ों को इन ७ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए:

१. सोया उत्पाद (Soy Products): सोयाबीन, सोया दूध और टोफू जैसे सोया से बने खाद्य पदार्थ थायराइड हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करते हैं। इनमें मौजूद कंपाउंड आयोडीन की कमी को बढ़ा सकते हैं, इसलिए थायराइड मरीज़ों को सोया से दूर रहना चाहिए।

२. अधिक चीनी और मिठाइयाँ: ज़्यादा मीठा खाने से थायरॉइड मरीज़ों का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या और बढ़ जाती है। इसलिए, चीनी, मिठाइयों और जंक फूड से परहेज़ करें।

३. प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड आइटम्स: प्रसंस्कृत और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में मौजूद प्रिज़र्वेटिव और सोडियम थायरॉइड को नुकसान पहुँचाते हैं। इन्हें खाने से शरीर में सूजन और हार्मोनल असंतुलन बढ़ सकता है।

४. पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली: ये क्रुसिफ़ेरस सब्ज़ियाँ थायराइड हार्मोन के काम में बाधा डालती हैं। इन्हें कच्चा खाने से, खासकर ज़्यादा मात्रा में, थायराइड की समस्या और बदतर हो सकती है।

५. कैफीन (चाय और कॉफी): चाय और कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन थायराइड की दवाओं के असर को कम कर देता है। यह हार्ट रेट और चिंता को भी बढ़ा सकता है। इसलिए, कैफीन का सेवन सीमित करें।

६. तैलीय और तले हुए खाद्य पदार्थ: ये खाद्य पदार्थ शरीर में अतिरिक्त वसा बढ़ाते हैं, हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ते हैं, और वजन बढ़ाते हैं, जिससे थायराइड कंट्रोल मुश्किल हो जाता है।

७. लाल मांस और हाई फैट वाले डेयरी उत्पाद: इनमें मौजूद वसा थायराइड हार्मोन को प्रभावित करती है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ा सकती है, इसलिए इन्हें आहार से हटाना सबसे अच्छा है।

चिकित्सीय सलाह:

प्रसिद्ध डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ. पी.वी. राव के अनुसार, थायरॉइड को नियंत्रित रखने के लिए हर छह माह में मेडिकल जाँच करानी चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाईयाँ नियमित रूप से लें, और साथ ही हेल्दी खान-पान की आदतों का पालन करें। पोषण के अलावा, पैदल चलना, एक्सरसाइज, डांस और योग भी थायराइड को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *