फर्जी लोको पायलट गिरफ्तार, असली ड्राइवर को हुआ शक, तकनीक पूछी तो पकड़ी गई चोरी! रेलवे की सुरक्षा पर सवाल!

भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला एक हैरान करने वाला मामला इटावा रेलवे स्टेशन से सामने आया है। यहां जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) ने कालका एक्सप्रेस के इंजन से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) बताकर सफर कर रहा था। युवक न केवल पूरी रेलवे की वर्दी में था, बल्कि उसके गले में नकली आईडी कार्ड और हाथ में हरी-लाल झंडी भी मौजूद थीं।

दरअसल, ट्रेन ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे असली लोको पायलट राजेंद्र कुमार को इंजन में मौजूद इस संदिग्ध युवक की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने उससे रेलवे से जुड़ी तकनीकी बातें पूछीं, जिनका सही जवाब न मिलने पर उन्होंने तुरंत टूंडला हेडक्वार्टर को सूचना दी। आदेश मिलते ही ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया और मौके पर पहुंची जीआरपी टीम ने युवक को तुरंत पकड़ लिया।

जांच में पता चला कि गिरफ्तार युवक का नाम आकाश कुमार है और वह फिरोजाबाद जिले के कौसल्या नगर का निवासी है। आकाश केवल 10वीं पास है और पिछले दो सालों से फर्जी लोको पायलट बनकर अलग-अलग ट्रेनों में सफर कर रहा था। उसके पास से वर्दी, नकली आईडी कार्ड, नेमप्लेट, झंडियां और एक लॉगबुक बरामद हुई है। इतने लंबे समय तक 10वीं पास युवक का इंजन तक पहुंचना और सफर करना रेलवे सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।

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