अवैध सरोगेसी रैकेट पर ED का शिकंजा! हैदराबाद में 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, नामी डॉक्टर के यहां मिले अहम दस्तावेज।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए देश भर में हड़कंप मचा दिया है। ईडी ने PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम), 2002 के तहत हैदराबाद में अवैध सरोगेसी रैकेट और बंगाल में 734 करोड़ रुपये के विशाल GST धोखाधड़ी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई की है।
डॉक्टर के ‘फर्टिलिटी सेंटर’ पर छापा: एजेंसी ने 25 सितंबर को हैदराबाद, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में 9 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई ‘यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एंड रिसर्च सेंटर’ के नाम पर डॉ. पचीपल्ली नम्रता उर्फ अथालुरी नम्रता द्वारा चलाए जा रहे अवैध सरोगेसी रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में की गई। इस छापेमारी के दौरान, ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद और जब्त किए हैं, जिससे इस रैकेट की व्यापकता का पता चलता है।
734 करोड़ रुपये के GST घोटाले में संपत्ति जब्त: एक अन्य कार्रवाई में, ईडी के रांची जोनल कार्यालय ने बड़े पैमाने पर GST धोखाधड़ी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड अमित गुप्ता और उनके सहयोगियों की 10 अचल संपत्तियां जब्त की हैं। 29 सितंबर को PMLA के प्रावधानों के तहत कोलकाता और हावड़ा में जब्त की गई इन संपत्तियों का मूल्य 15.41 करोड़ रुपये है। ईडी की जांच से पता चला है कि शिव कुमार देवरा और अमित गुप्ता के नेतृत्व वाले इस सिंडिकेट ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 135 शेल कंपनियों का एक नेटवर्क बनाकर 734 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) जेनरेट किया। सिंडिकेट ने इस आपराधिक गतिविधि से कमीशन के तौर पर करीब 67 करोड़ रुपये कमाए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।