सूखे की मार से धान बर्बाद! किसान अब अक्टूबर में करें इन सब्जियों की खेती, लागत कम, मुनाफा दोगुना
जिले में इस साल सामान्य से काफी कम बारिश हुई, जिससे अधिकांश किसानों की धान की फसल खराब हो गई या वे बुआई ही नहीं कर पाए। कृषि विभाग के अनुसार, इस बार जिले के कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने बताया कि बारिश की कमी से धान की खेती पर विपरीत असर पड़ा है, और अब किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अक्टूबर में सब्जी की खेती है फायदेमंद: विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर का महीना सब्जी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। जो किसान धान की खेती नहीं कर पाए, वे अब इस मौसम में मटर, गाजर, फूलगोभी, पालक और धनिया जैसी सब्जियों की बुवाई कर सकते हैं। इन सब्जियों की खासियत यह है कि वे ठंडे मौसम में तेजी से बढ़ती हैं और 2-3 महीने में तैयार हो जाती हैं। यदि समय पर बुवाई हो जाए, तो जनवरी-फरवरी में इनकी ताजी उपज अच्छी कीमतों पर बेची जा सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जी की खेती में लागत कम और मुनाफा अपेक्षाकृत अधिक होता है, बशर्ते किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती करें। इसके लिए सबसे पहले खेत की मिट्टी को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी है। पर्याप्त नमी बनाए रखने, कीट नियंत्रण और समय पर सिंचाई की व्यवस्था करने से उपज में सुधार होता है। इसके साथ ही स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार फसल का चयन करना भी आवश्यक है।
कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने बताया कि जिले में किसानों को सब्जियों की खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कृषि विभाग लगातार अभियान चला रहा है। अधिकारियों की टीम गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षण और जानकारी दे रही है। साथ ही बीज, खाद और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु संकट को देखते हुए अब समय आ गया है कि किसान परंपरागत फसलों के साथ-साथ वैकल्पिक खेती की दिशा में भी सोचें।