अद्भुत संगठन क्षमता के धनी’, कैलाशपति मिश्र की जयंती पर बाबूलाल मरांडी हुए भावुक, बताया कैसे थामकर लाए थे भाजपा में

झारखंड भाजपा ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और गुजरात-राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्र की जयंती बड़े ही उत्साह से मनाई। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने एचईसी परिसर क्षेत्र स्थित कैलाशपति मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मोटरसाइकिल से पूरे झारखंड में घूमते थे मिश्र जी: ०५ अक्टूबर १९२३ को बिहार के बक्सर में जन्मे कैलाशपति मिश्र की पहचान भाजपा के उन खास नेताओं में होती थी, जिनमें अद्भुत संगठन क्षमता थी। श्रद्धांजलि देते हुए राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने उन शुरुआती दिनों को याद किया जब संयुक्त बिहार में भाजपा संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कैलाशपति मिश्र मोटरसाइकिल और जीप से पूरे झारखंड (तत्कालीन दक्षिण बिहार) का दौरा करते थे। मरांडी ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत स्नेह और प्यार देते थे।

“मेरे राजनीतिक जीवन पर उनका व्यापक प्रभाव”: कैलाशपति मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद बाबूलाल मरांडी ने बताया कि उनकी कैलाशपति मिश्र से कई बातों पर व्यक्तिगत बहस भी हो जाती थी, लेकिन बाद में उनका व्यवहार हमेशा एक अभिभावक जैसा रहता था। मरांडी ने भावुक होते हुए कहा, “मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे उनका सान्निध्य मिला। भाजपा में मुझे एक मुकाम तक ले जाने में अगर किसी का श्रेय है तो उनका नाम है कैलाशपति मिश्र, क्योंकि पहले तो मैं विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री के रूप में काम कर रहा था। कैलाशपति मिश्र ही मेरा हाथ पकड़ कर भाजपा में लाए और फिर काम सिखाया। उनके बताए रास्ते और सिखाए काम का असर हमारे ऊपर है।”

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