मुंबई के राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप! स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वार्डों का सीमांकन पूरा, बदल गया हर वार्ड का गणित
राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। पुणे महानगरपालिका की ड्राफ्ट वार्ड संरचना जारी होने के बाद, अब देश के सबसे बड़े नागरिक चुनाव बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए अंतिम वार्ड निर्धारण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह चुनाव ‘महायुति’ और ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज ठाकरे) दोनों के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के लिए सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें मुंबई के चुनावी वार्डों का अंतिम स्वरूप निर्धारित किया गया है। इस अधिसूचना के अनुसार, मुंबई को 227 चुनावी वार्डों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद का चुनाव किया जाएगा।
अंतिम मंज़ूरी और प्रक्रिया:
यह अधिसूचना मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5 और 19 के तहत जारी की गई है, जिसे राज्य चुनाव आयोग की मंज़ूरी भी मिल चुकी है। सरकार ने 22 अगस्त, 2025 को प्रकाशित मसौदा वार्ड संरचना पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के बाद यह अंतिम फैसला लिया है।
वहीं, नवी मुंबई महानगरपालिका में कुल 28 वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 27 वार्ड चार-सदस्यीय और 1 वार्ड तीन-सदस्यीय होगा, जिससे कुल 111 सदस्य चुने जाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषण हुआ तेज:
प्रत्येक वार्ड की सीमाएँ और जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी अब आधिकारिक दस्तावेज़ में उपलब्ध है। यह जानकारी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि किस वार्ड में कितने मतदाता हैं और किन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है।
वार्डों का सीमांकन पूरा होने के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। सभी पार्टियाँ अब गहराई से विश्लेषण कर रही हैं कि किस वार्ड में उनके लिए बेहतर अवसर हैं और कहाँ उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसी चरण से उम्मीदवारों का चयन और चुनाव प्रचार की रणनीति तय होनी शुरू हो जाएगी।
इस बदलाव का सीधा असर आम नागरिकों पर भी पड़ेगा। अब हर वार्ड में एक पार्षद द्वारा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा, जिससे स्थानीय मुद्दे सीधे उनके प्रतिनिधियों तक पहुँचेंगे। उम्मीद है कि इससे लोगों की स्थानीय समस्याओं का समाधान अधिक सुलभ हो पाएगा।