पन्ना में अजीबोगरीब मामला: शिकायतकर्ता टीचर से ही पूछा गया- ‘सीईओ साहब से क्या कहा था?’

बुधवार को जनपद सीईओ के सामने अपने गांव की गंदगी और अनियमितताओं के बारे में जानकारी देना एक शिक्षक को महंगा पड़ गया। जानकारी देने के कुछ मिनटों के भीतर ही शिक्षक को जनशिक्षा केंद्र रैपुरा की तरफ से फोन कर सीईओ साहब से हुई बातचीत की जानकारी मांगी गई और उन पर दबाव बनाया गया।

दरअसल, शाहनगर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भगवान सिंह रैपुरा पंचायत सचिवों की बैठक लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अधराड़ ग्राम पंचायत के कुछ युवक पंचायत में चल रही अनियमितताओं की शिकायत लेकर पहुंचे। शिकायत के बाद, सीईओ ग्रामीणों के साथ उनकी ग्राम पंचायत पहुंचे, जहां ग्रामीण साफ-सफाई के नाम पर राशि के गबन की शिकायत कर रहे थे।

वहीं मौजूद ग्रामीणों ने एक शिक्षक से उनके मोहल्ले में फैली गंदगी के बारे में सीईओ साहब को बताने के लिए कहा। शिक्षक ने उन्हें बताया कि “मेरे घर के पास भी गंदगी फैली रहती है और साफ-सफाई नहीं की जाती।”

शिक्षक की इस बात से नाराज होकर सीईओ के साथ आए एक अधिकारी ने शिक्षक को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। इसके कुछ मिनटों बाद ही जब शिक्षक ग्रामीणों के साथ खड़े थे, तो जनशिक्षा केंद्र रैपुरा से फोन आ गया कि “आपने सीईओ साहब से क्या कहा है।”

ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि गांव की बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था के बारे में शिक्षक द्वारा जानकारी दिए जाने से साथ आए अधिकारी खासे नाराज हो गए थे। इसके बाद फोन के माध्यम से भी शिक्षक पर दबाव बनाया गया।

इस मामले पर शाहनगर जनपद के सीईओ भगवान सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “हमने बीआरसी (BRC) में कुछ नहीं कहा, हमने ग्रामीणों के सामने सभी से पंचायत में टैक्स भरने की बात कही थी। हमारे साथ आये स्टाफ ने भी कुछ नहीं कहा।”

वहीं, बीआरसी (BRC) अधिकारी ने छुट्टी पर होने के बावजूद कहा कि, “अगर इस तरह शिक्षकों को कहा गया है तो यह गलत है। मैं पहुंचकर जानकारी लूंगा कि कार्यालय में किसने शिकायत की एवं फोन किसने लगाया था।”

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