क्रिप्टो माइनिंग पर खतरा! ट्रंप के टैरिफ वॉर से निवेशक सहमे, इथीरियम, सोलाना में १४% तक की भारी गिरावट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह ही टैरिफ का एक और बम फोड़ दिया। अच्छी बात यह रही कि यह बम इस बार भारत पर नहीं बल्कि अपने पुराने प्रतिद्वंदी चीन पर ट्रंप ने टैरिफ की गाज गिराई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन से आने वाले सामानों पर १०० फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिसके बाद अमेरिकी बाजार में भूचाल मच गया। क्रिप्टो बाजार (Crypto Market) बुरी तरह हिल गया। बिटकॉइन (Bitcoin) में भारी गिरावट देखने को मिली और निवेशकों को ९.५ अरब डॉलर का बड़ा नुकसान हो गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की कि १ नवंबर २०२५ से अमेरिका चीन पर मौजूदा टैरिफ के अलावा १००% टैरिफ लगाएगा। साथ ही, उसी दिन से सभी महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण (Export Controls) लागू होंगे। ट्रंप ने कहा कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि चीन लगभग हर उत्पाद पर व्यापक निर्यात नियंत्रण लागू करने की योजना बना रहा है, जिसे उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरनाक मिसाल करार दिया। वर्तमान में अमेरिका चीन के उत्पादों पर ३०% टैरिफ लगाता है, और नए ऐलान के बाद कुल टैरिफ १३० फीसदी हो जाएगा।

ट्रंप के एक ऐलान के बाद क्रिप्टो बाजार में भारी गिरावट देखी गई। बिटकॉइन, इथेरियम (Ethereum) जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी के दाम तेजी से गिरे। आज सुबह बिटकॉइन १०% से ज्यादा लुढ़ककर $१,१०,००० डॉलर से नीचे आ गया। फिर थोड़ा सुधरकर $१,१३,०९६ डॉलर पर पहुंचा। वहीं, दूसरी क्रिप्टो करेंसी इथेरियम में ११.२% की गिरावट आई और यह $३,८७८ डॉलर पर आ गया। साथ ही बीएनबी (BNB), सोलाना (Solana) और एक्सआरपि (XRP) जैसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी १४% से १८% तक की गिरावट दर्ज हुई।

दरअसल, चीन ने कहा है कि वह ‘रेयर अर्थ’ (Rare Earth) खनिजों का एक्सपोर्ट आने वाले समय में रोक देगा। अगर ऐसा हुआ तो फिर से अमेरिकी टेक-ऑटो बाजार में इसका असर दिखेगा। इसी फैसले के बदले के तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप ने आज चीन पर १०० फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया। अब सवाल यह है कि टैरिफ के फैसले से क्रिप्टो करेंसी बाजार में दबाव क्यों देखने को मिला? इसके पीछे का मुख्य कारण है क्रिप्टो माइनिंग (Crypto Mining)। निवेशकों को डर है कि यह तनाव क्रिप्टो माइनिंग और टेक्नोलॉजी को नुकसान पहुंचाएगा, जिससे बाजार में यह हलचल मची।

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