देश में सक्रिय है रेडियोएक्टिव तस्करी का संगठित गिरोह? BARC की सजगता से बची लाखों लोगों की जान
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के वैज्ञानिकों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोपालगंज पुलिस ने ₹२० लाख से अधिक मूल्य का रेडियोएक्टिव पदार्थ (Radioactive Material) और उपकरण बरामद किया है। मीरगंज थाना क्षेत्र में की गई इस महत्वपूर्ण छापेमारी में बिहार और उत्तर प्रदेश के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, ७ अक्टूबर को मीरगंज स्थित निर्माणाधीन बीपीसीएल (BPCL) प्लांट से दो रेडियोग्राफी मशीन और उनसे जुड़ी रेडियोएक्टिव सामग्री चोरी कर ली गई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच तेज की गई और जादूगोड़ा और नरोरा स्थित BARC केंद्रों से वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम बुलाई गई। टीम ने पुलिस के साथ मिलकर क्षेत्र में छापेमारी कर चोरी की गई रेडियोग्राफी मशीनें और रेडियोएक्टिव पदार्थ बरामद किए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में मीरगंज के दिनेश शर्मा, विनय शर्मा, प्रिंस कुमार और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी पिंटू कुमार शामिल हैं। हथुआ सीडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि बरामद रेडियोग्राफी मशीनें और रेडियो मशीन की रोली की कीमत २० लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बरामद रेडियोएक्टिव पदार्थ से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था, यही कारण है कि BARC की विशेषज्ञ टीम को कार्रवाई में शामिल किया गया।
गोपालगंज पुलिस और परमाणु अनुसंधान केंद्र की इस बड़ी सफलता के बाद, पुलिस अब इस तस्करी गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। माना जा रहा है कि स्थानीय गिरोह के माध्यम से यह चोरी की गई थी, लेकिन इसका उद्देश्य रेडियोएक्टिव पदार्थ को किसी बड़े नेटवर्क तक पहुँचाना था। सुरक्षा एजेंसियों ने भी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और आरोपियों से पूछताछ में कुछ और नामों के सामने आने की संभावना है।