CJI बीआर गावै के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, पांच सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बेंगलुरु में FIR

बेंगलुरु: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गावै के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बेंगलुरु साइबर क्राइम स्टेशन में पांच सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस की साइबर क्राइम सोशल मीडिया विंग ने केसरी नंदन, श्रीधर कुमार, नागेंद्र प्रसाद, रमेश नाइक और मंजूनाथ एमसी मंजू के खातों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67, 66 और 66(C) के तहत स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए मामला दर्ज किया है। इन आरोपितों ने एक हालिया मामले से संबंधित पोस्ट पर CJI के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी टिप्पणियां पोस्ट की थीं।

6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के भीतर एक वकील द्वारा CJI पर वस्तु फेंकने की कोशिश की घटना ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया था। इस घटना के विरोध में गुरुवार को बेंगलुरु यूनिवर्सिटी पोस्ट ग्रेजुएट एंड रिसर्च स्टूडेंट्स यूनियन ने ज्ञानभारती कैंपस में प्रदर्शन किया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ:

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज़ हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “बीजेपी के अनुसूचित जाति (SC) विरोधी अभियान का परिणाम” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी लगातार अपने प्रचार के माध्यम से कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है और “यह घटना इसी का परिणाम है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने CJI गावै पर वस्तु फेंकने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। प्रमुख दलित नेता आठवले ने कहा कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि उच्च जाति समुदाय के कुछ लोग इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि दलित समुदाय से आने वाले गावै इतने उच्च पद पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा की और एपिसोड के बाद CJI से बात की।

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