किडनी कैंसर का हाई-रिस्क ऑपरेशन सफल, 58 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन, डॉक्टरों ने अपनाया टोटल सर्कुलेटरी अरेस्ट तकनीक

मैंगलोर: फादर मुलर मेडिकल कॉलेज में इस सितंबर 2025 में एक बड़ी मेडिकल सफलता हासिल की गई है। यहां के बहु-विषयक (Multidisciplinary) टीम ने एक 58 वर्षीय पुरुष का दाएँ किडनी कैंसर (राइट रीनल सेल कार्सिनोमा) का हाई-रिस्क ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया है। मरीज की स्थिति गंभीर थी, क्योंकि कैंसर से बना लेवल III थ्रोम्बस (रक्त का थक्का) उसकी मुख्य रक्त वाहिका इनफीरियर वेना कावा (IVC) तक पहुँच गया था।

इस बेहद जटिल प्रक्रिया को टोटल सर्कुलेटरी अरेस्ट (TCA) तकनीक का उपयोग करके कार्डियोपल्मोनरी बाईपास (CPB) के माध्यम से अंजाम दिया गया। यह एक उन्नत तकनीक है जो गहन हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान बहुत कम करना) के तहत अस्थायी रूप से रक्त संचार को रोककर IVC से ट्यूमर थ्रोम्बस को सुरक्षित रूप से निकालने की अनुमति देती है। इस ऑपरेशन में, CPB का समय 165 मिनट रहा, जिसमें TCA को 17 मिनट तक बनाए रखा गया।

असाधारण टीम वर्क:

  • इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के लिए यूरोलॉजी (डॉ. प्रशांत आदिगा), कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) (डॉ. आनंद के. टी.), सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (डॉ. गणेश एम. के.) और एनेस्थीसिया (डॉ. चेतना आनंद) विभागों के बीच निर्बाध सहयोग की आवश्यकता थी।

ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से ठीक हुआ और 5 दिनों के भीतर स्थिर स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में फॉलो-अप ओपीडी विजिट में वह पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। यह उपलब्धि फादर मुलर मेडिकल कॉलेज की एकीकृत विशेषज्ञता और अत्याधुनिक सर्जिकल क्षमताओं को दर्शाती है।

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