नौकरी मांगने वाला नहीं, देने वाला बनेगा युवा, ₹347 करोड़ का ऋण वितरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। सोमवार को भोपाल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) उद्यमियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष को ‘निवेश एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। युवाओं, उनके सपनों और उनके भविष्य में निवेश करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्यम क्रांति योजना ने हजारों युवाओं को बैंकिंग सहायता से अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। युवा अब नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (Job Creators) बन रहे हैं।
MSME को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया, ₹197 करोड़ प्रोत्साहन राशि वितरित
डॉ. यादव ने MSME को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि ये उद्यम राष्ट्र के खजाने को मजबूत करते हैं, रोजगार के अवसर पैदा करते हैं और आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करते हैं।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 700 MSME यूनिटों को ₹197 करोड़ का प्रोत्साहन (Incentives) और 63 स्टार्ट-अप्स को ₹1 करोड़ की सहायता राशि वितरित की। औद्योगिक स्थापना को आसान बनाने के लिए 237 MSME उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र जारी किए गए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5,084 युवाओं को ₹347 करोड़ के बैंक ऋण दिए गए हैं।
MP के 47% स्टार्ट-अप्स की मालिक महिलाएं, ₹10,000 मासिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में लगभग 80 करोड़ लोग MSME से जुड़े हैं, जो करोड़ों परिवारों के लिए आशा, सम्मान और स्वावलंबन की नींव हैं। भारत में 6 करोड़ से अधिक MSME हैं, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 30% और निर्यात में 45% का योगदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों जैसे महेश्वरी साड़ी, सीहोर का शरबती गेहूँ, रायसेन का बासमती चावल, भोपाल का ज़री वर्क और झाबुआ की गुड़िया में अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड बनने की क्षमता है।
स्टार्टअप नीति 2025 के तहत अनुमोदित स्टार्ट-अप्स को एक वर्ष के लिए ₹10,000/माह की सहायता दी जाती है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 4 लाख से अधिक MSME विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हैं। राज्य के 6,000 से अधिक स्टार्ट-अप्स में से 47% महिलाओं के स्वामित्व में हैं। स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग 2022 में MP ने ‘लीडर’ रैंक हासिल की है।
MSME मंत्री श्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि पहली बार एक भू-आबद्ध (landlocked) राज्य में निर्यातकों को 50% सब्सिडी दी गई है। प्रधान सचिव उद्योग श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 24-25 वित्तीय वर्ष में 2,500 से अधिक यूनिटों को ₹2,162 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ₹50 लाख तक का ऋण बिना गारंटी के उपलब्ध है।