यूक्रेन को टोमाहॉक, क्यों इतनी ख़तरनाक है यह मिसाइल जिसकी कीमत ₹10 करोड़ से ज़्यादा है?
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: अमेरिका यूक्रेन को टोमाहॉक क्रूज़ मिसाइलें (Tomahawk cruise missiles) प्रदान करने पर विचार कर रहा है—अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस संकेत ने एक बार फिर वैश्विक ध्यान खींचा है। टोमाहॉक अपनी उन्नत तकनीक और अचूक सटीकता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। एक मिसाइल की औसत कीमत लगभग $1.3 मिलियन (लगभग ₹10.8 करोड़) है। आइए जानते हैं कि यह मिसाइल इतनी महत्वपूर्ण और महंगी क्यों है।
क्या है टोमाहॉक और सुर्खियों में क्यों है?
रेथिओन (Raytheon) द्वारा अमेरिकी नौसेना के लिए विकसित, टोमाहॉक एक लंबी दूरी की, हर मौसम में इस्तेमाल होने वाली, सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल है। इसे जहाजों या पनडुब्बियों से लॉन्च किया जा सकता है और यह दुश्मन के इलाके में गहराई तक ज़मीनी लक्ष्यों को भेदने के लिए डिज़ाइन की गई है।
हाल ही में ट्रम्प ने एयर फ़ोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा कि वह यूक्रेन को लंबी दूरी की टोमाहॉक मिसाइलें देने पर विचार कर रहे हैं और इस संभावित हस्तांतरण को “संघर्ष में आक्रामकता का एक नया कदम” बताया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, जो लगातार सैन्य समर्थन की मांग कर रहे हैं, इस सप्ताह वायु रक्षा और लंबी दूरी के हथियारों पर चर्चा करने के लिए वाशिंगटन में ट्रम्प से मिलने वाले हैं।
अद्वितीय क्षमता: रडार से बचाव और पिनपॉइंट सटीकता
टोमाहॉक की सबसे बड़ी खासियत इसकी रडार-चकमा (stealth) देने की क्षमता है। यह कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन के रडार की पकड़ से बच सकती है।
- रेंज: यह 1,600 किमी से 2,400 किमी (1,000 से 1,500 मील) की दूरी तक यात्रा कर सकती है और अपने लक्ष्य के 5 मीटर के भीतर सटीक वार कर सकती है।
- नेविगेशन: जीपीएस, आईएनएस, टेरकॉम और डीएसएमएसी जैसे उन्नत मार्गदर्शन प्रणालियों का मिश्रण इसे जटिल इलाकों में भी सटीक रास्ता खोजने में मदद करता है।
- युद्धक क्षमता: यह 450 किलोग्राम का पारंपरिक वॉरहेड ले जा सकती है और नवीनतम ब्लॉक V मॉडल हवा में ही मिशन अपडेट प्राप्त कर सकते हैं, लक्ष्य बदल सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर दोबारा हमला भी कर सकते हैं।
टोमाहॉक इतना महंगा क्यों है?
एक टोमाहॉक मिसाइल का $1.3 मिलियन (लगभग ₹10.8 करोड़) का उच्च मूल्य टैग कई उन्नत कारकों के कारण है:
- अत्यधिक उन्नत नेविगेशन: जीपीएस से वंचित क्षेत्रों में भी असाधारण सटीकता सुनिश्चित करने के लिए कई गाइडेंस सिस्टम का एकीकरण।
- हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स: सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड डेटा लिंक और रियल-टाइम कंट्रोल सिस्टम जो उड़ान के बीच में कोर्स सुधार या लक्ष्य बदलने की अनुमति देते हैं।
- सीमित उत्पादन: कम वार्षिक उत्पादन और कड़े गुणवत्ता मानकों के कारण प्रति यूनिट लागत बढ़ जाती है।
- आर एंड डी और अपग्रेड: निरंतर अनुसंधान एवं विकास (R&D) और जीवनचक्र अपग्रेड, जैसे कि ब्लॉक V अपग्रेड, जो इसकी क्षमताओं और सेवा जीवन को बढ़ाते हैं।
खाड़ी युद्ध से लेकर 2024 में यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले तक, टोमाहॉक ने अपनी युद्ध-परीक्षणित विश्वसनीयता साबित की है। जापान ने भी 2024 में अपनी रक्षा आधुनिकीकरण के तहत 400 टोमाहॉक मिसाइलें खरीदने के लिए $2.35 बिलियन का समझौता किया है।