माझी फैमिली का चुनावी दांव: खुद मंत्री, बेटा MLC… बहू-समधन और दामाद लड़ रहे चुनाव; जानें NDA में किसे मिली कौन सी सीट
बिहार चुनाव में प्रमुख गठबंधन सीट शेयरिंग को लेकर अभी भी उलझे हुए हैं, लेकिन एनडीए में सीटों को लेकर समझौता हो गया है। छोटी सहयोगी पार्टी जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) को 6 सीटें दी गई हैं। जहां सबकी नजर सीटों के बंटवारे पर थी, वहीं मांझी ने 6 में से 3 सीटें अपने परिवार के लोगों को ही बांट दीं।
जीतन राम मांझी की पार्टी केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए की सहयोगी है और वह खुद केंद्र में मंत्री हैं, जबकि उनके बेटे संतोष कुमार सुमन बिहार सरकार में मंत्री और विधान परिषद के सदस्य हैं। मांझी को भले ही पिछली बार की तुलना में इस बार कम सीटें मिली हैं, लेकिन टिकट बंटवारे में उन्होंने अपने परिवार का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने अपनी बहू और समधन के अलावा दामाद को भी टिकट दे दिया है।
एनडीए में टिकट को लेकर समझौता होने के बाद मांझी की पार्टी ने मंगलवार को अपने 6 प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए। पार्टी ने 6 में से 2 टिकट महिलाओं को दिए, ये दोनों महिलाएं मांझी के परिवार के करीबी सदस्यों में से हैं:
- दीपा कुमारी (बहू): अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इमाम गंज सीट से फिर से मैदान में उतारा है।
- ज्योति देवी (समधन): आरक्षित बाराचट्टी सीट से टिकट दिया है। ज्योति, मांझी की बहू दीपा की मां हैं।
जीतन राम मांझी ने परिवार से जुड़ी इन 2 महिलाओं के अलावा अपने दामाद को भी टिकट दिया है। जमुई जिले की सिकंदरा सीट से प्रफुल्ल कुमार मांझी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है और वह जीतन राम मांझी के दामाद हैं।
इसके अलावा मांझी ने एक और प्रमुख परिवार का ख्याल रखा है। उन्होंने भूमिहार बिरादरी से आने वाले अनिल कुमार के परिवार को 2 टिकट दिए हैं। गया जी जिले की टिकारी सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार को उतारा है, तो उनके भतीजे रोमित कुमार को इसी जिले की अतरी सीट से टिकट दिया गया है।
जीतन राम मांझी की बहू दीपा कुमारी कोई नया चेहरा नहीं हैं। वह 2024 में इमामगंज सीट पर हुए उपचुनाव के जरिए मैदान में उतर चुकी हैं। मांझी ने पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान गयाजी संसदीय सीट से चुनाव जीतने के बाद इमामगंज सीट छोड़ दी थी। इस वजह से खाली हुई सीट से दीपा कुमारी ने अपनी किस्मत आजमाई थी और 2024 के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में दीपा मांझी को 5,945 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई थी।
इससे पहले बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में मांझी की पार्टी 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे 4 में जीत हासिल हुई थी। हालांकि इस बार एनडीए की ओर से उनकी एक सीट कम कर दी गई और उनके खाते में 6 सीटें ही डाली गईं। दावा किया जा रहा है कि मांझी अपनी पार्टी के लिए 15 सीटों की मांग कर रहे थे।