२० साल में 55% की छलांग: सोना-चांदी क्यों बने निवेशकों की पहली पसंद?
आज, बुधवार को, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया। सोने को अब तक के सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है, और इसकी कीमत $1,27,000 प्रति 10 ग्राम के पार जाकर एक नए ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिका (USA) और चीन (China) के बीच बढ़ते व्यापार तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के कारण आया है।
सुबह के कारोबार की शुरुआत में, सोना ₹1,26,915 प्रति 10 ग्राम पर था, जो पिछले बंद भाव से लगभग आधा प्रतिशत अधिक था। दिन के दौरान, सोने ने ₹1,27,500 का नया रिकॉर्ड स्तर हासिल किया, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह है।
चांदी की कीमतें भी पीछे नहीं हैं। MCX पर चांदी का भाव ₹1,59,800 प्रति किलोग्राम से शुरू हुआ और दिन के कारोबार में ₹1,61,418 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरताओं के बीच सोना और चांदी निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इस वर्ष अब तक सोने की कीमतों में लगभग 55% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले कई वर्षों के प्रदर्शन से काफी बेहतर है।
पिछले २० वर्षों के आंकड़ों को देखें तो, २००५ में सोने की कीमत लगभग ₹7,638 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब ₹1,00,000 के आंकड़े को पार कर गई है। इस दौरान, सोने ने 16 सालों तक सकारात्मक रिटर्न दिया है, जिससे यह एक विश्वसनीय निवेश विकल्प साबित हुआ है।
२००५ से २०२५ के बीच चांदी की रफ्तार: चांदी ने भी अपने मजबूत प्रदर्शन से ध्यान आकर्षित किया है। पिछले कुछ महीनों से इसकी कीमत ₹1 लाख प्रति किलोग्राम के आस-पास या उससे ऊपर बनी हुई है। २००५ से २०२५ के बीच चांदी ने लगभग 668 प्रतिशत की शानदार बढ़त दिखाई है, जो इसे भी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।