मिग-21 की जगह लेंगे तेजस, 6 नई सबमरीन का प्रोजेक्ट: इन डिफेंस शेयरों की तेजी का राज क्या है?
भारत सरकार ने डिफेंस सेक्टर में बड़ा टारगेट तय किया है—2047 तक देश को विश्व का अग्रणी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब (OEM) बनाना। इसके लिए सरकार डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ाने, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस कर रही है। ब्रोकरेज हाउस Antique ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश की है, जिसमें आने वाले समय में कुछ डिफेंस शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद जताई गई है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का शेयर मंगलवार को 4,747 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 3,17,478 करोड़ रुपये है। ब्रोकरेज ने इसे ‘BUY’ रेटिंग दी है और इसके लिए 6,360 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस बताया है।
भारत अपने सशस्त्र बलों का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है। पुराने बेड़े (Mirage 2000, Jaguar, MiG-21) को बदलने और 11 नए स्क्वाड्रन जोड़ने की योजना से HAL को बड़ा फायदा होगा। कंपनी को आने वाले 10-15 सालों में 300 से अधिक विमान (Tejas Mk-1A, Tejas Mk-II, और AMCA) बनाने का अवसर मिलेगा।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL)
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड का शेयर मंगलवार को 2,798 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ और कंपनी का मार्केट कैप लगभग 1,12,842 करोड़ रुपये है। ब्रोकरेज ने इस पर भी ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 3,856 रुपये बताया है।
Mazagon Dock भारत की इकलौती शिपयार्ड कंपनी है जो सबमरीन और बड़े युद्धपोत बनाने में माहिर है। कंपनी ने हाल ही में भारतीय नौसेना के साथ सबमरीन प्रोजेक्ट P-75(I) के लिए बातचीत शुरू की है, जिसमें 6 स्वदेशी पनडुब्बियां बनाने की योजना है। यह प्रोजेक्ट FY26 तक फाइनल हो सकता है, जिससे कंपनी को आने वाले वर्षों में मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी मिलेगी।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर फिलहाल 402 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर है और कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,93,963 करोड़ रुपये है। ब्रोकरेज ने BEL पर भी ‘BUY’ रेटिंग दी है और इसके शेयरों के लिए 454 रुपये तय किया है।
BEL भारत की डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट की अग्रणी कंपनी है। आधुनिक युद्ध प्रणालियों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती मांग से कंपनी को बड़ा फायदा मिल सकता है। कंपनी ने अब प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर से सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में खुद को स्थापित किया है। BEL अब QRSAM और MRSAM जैसी मिसाइल प्रणालियों के इंटीग्रेशन में प्रमुख भूमिका निभा रही है।
नीतिगत सुधारों से रक्षा खरीद प्रक्रिया में तेजी
रक्षा मंत्रालय (MoD) ने हाल के महीनों में कॉन्ट्रैक्ट फाइनलाइजेशन और खरीद प्रक्रिया को और तेज और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सितंबर 2025 में रक्षा खरीद मैन्युअल (DPM) को संशोधित करके मंजूरी दी गई है, जबकि डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर (DAP) में भी संशोधन दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। MoD ने निर्णय लिया है कि अब सभी कॉन्ट्रैक्ट्स को 6 महीनों के भीतर फाइनल किया जाएगा।
डिफेंस एक्सपोर्ट में ऐतिहासिक उछाल
भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट ने वित्त वर्ष 2024-25 में 24,000 करोड़ रुपये का नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें से 15,000 करोड़ रुपये निजी क्षेत्र से आए। रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2028-29 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सरकार उन उत्पादों के लिए “Fit-for-use Certification” जारी करेगी जो अभी भारतीय सेनाओं में शामिल नहीं हुए हैं, ताकि उन्हें विदेशी बाजारों में बेचा जा सके।