दिनभर बस मोबाइल स्क्रॉलिंग? आलस भगाने और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी आदतें।

आपने देखा होगा कि कुछ लोग अपने सभी काम आसानी से और समय पर पूरे कर लेते हैं, वे हमेशा ऊर्जा से भरे दिखते हैं। वहीं कुछ लोग अपने कामों को सिर्फ ‘कल’ पर टालते रहते हैं। उनका किसी भी काम को करने का मन नहीं करता और वे दिनभर आलस में रहते हैं। यह आदत व्यक्ति को उसके लक्ष्यों से दूर कर देती है और उसकी कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित करती है। थकान इसका कारण हो सकता है, लेकिन कई लोगों में यह एक आदत बन जाती है।

आलस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति किसी भी कार्य को करने से बचता है या उसे टालता है। यह एक आम समस्या है, लेकिन इसका व्यक्ति की व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है। हालांकि, कुछ अच्छी आदतों को अपनाकर आप अपने आलस को हमेशा के लिए दूर भगा सकते हैं। आइए जानते हैं इन प्रभावी तरीकों के बारे में:

१. सही रूटीन अपनाएं (Adopt the Right Routine): अपना एक व्यवस्थित रूटीन बनाएं। जिसमें समय पर सोना और जागना शामिल हो। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है। सुबह जल्दी उठने से आप अच्छा महसूस करेंगे और आपके पास अपने काम पूरे करने के लिए ज्यादा समय होगा। सुबह की शुरुआत योग या हल्की कसरत से करने पर शरीर में स्फूर्ति आती है और आलस दूर रहता है।

२. स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें (Set Clear Goals): जिन लोगों के पास कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता है, वे अक्सर अपने काम को टालते रहते हैं। इसलिए पहले छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करके उन्हें पूरा करने की आदत डालें। इससे न सिर्फ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि आलस को भी दूर करने में मदद मिलेगी। अगर आप स्टूडेंट हैं, तो जानने की कोशिश करें कि आपको क्या करना है और आपका इंटरेस्ट किसमें है, फिर उस पर काम करें।

३. टू-डू लिस्ट बनाएं (Create a To-Do List): रोजाना सुबह या रात में ही अपने दिनभर के कामों की एक ‘टू-डू लिस्ट’ तैयार करें। इसमें कामों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर बांटें। इससे आपको पता रहेगा कि आपको कब और क्या काम करना है। बड़े कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दें और उन्हें एक-एक करके पूरा करें।

४. मोबाइल का उपयोग सीमित करें (Limit Mobile Usage): आजकल ज्यादातर लोग अपना समय मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया पर बिताते हैं, जो काम से ध्यान भटकाने की सबसे बड़ी वजह है। घंटों सोशल मीडिया स्क्रॉल करना भी आलस का कारण बन सकता है। इसलिए कोशिश करें कि इसका उपयोग सीमित करें और ज्यादा समय क्रिएटिव वर्क में लगाएं। दिन में कुछ समय के लिए फोन और गैजेट्स से दूरी बनाएं, खासकर रात में सोने से 30 मिनट पहले मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करना बंद करें।

५. सकारात्मक विचार रखें (Maintain Positive Thoughts): अगर आप हर बात को लेकर नकारात्मक सोचते हैं, तो यह आदत सुस्ती का कारण बन सकती है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच अपनाएं। अगर आप हमेशा खुद को कमजोर, थका हुआ या असफल मानते रहेंगे, तो आपको प्रेरणा नहीं मिलेगी। इसके लिए अपने बारे में अच्छा सोचें, मोटिवेशनल वीडियो और बातें सुनें। खुद पर विश्वास रखें और सोचें कि आप हर चुनौती को पार कर सकते हैं। “मैं यह कर सकता हूं”, “यह मुश्किल नहीं है”, जैसी बातें खुद से कहें। हर छोटे लक्ष्य को पूरा करने पर खुद को शाबाशी दें।

सही डाइट लें (Eat Right): हम जो भी खाते हैं, उसका असर हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों पर पड़ता है। ऐसे में कोशिश करें कि हेल्दी और बैलेंस डाइट लें। बाहर का ऑयली, मसालेदार और पैकेट वाले फूड्स खाने से परहेज करें। इससे आपकी सेहत सही रहेगी और आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। रोजाना कुछ समय निकालकर मेडिटेशन और हल्की एक्सरसाइज या सैर जरूर करें।

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