रेल तकनीक में भारत की छलांग: रेल मंत्री ने किया वंदे भारत 4.0 का ऐलान, ट्रेन दौड़ेगी 350 किमी/घंटा की रफ्तार से
भारत अब अपनी रेल तकनीक को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को घोषणा की कि देश में अब वंदे भारत 4.0 ट्रेन विकसित की जाएगी, जो भारत की सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का अगला वर्जन होगा। नई ट्रेन को इस तरह से डिज़ाइन किया जाएगा कि वह न सिर्फ़ घरेलू जरूरतों को पूरा करे, बल्कि दूसरे देशों को एक्सपोर्ट करने लायक भी हो। यह कदम भारत को आधुनिक रेल तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य भारत को रेल एक्सपोर्ट हब बनाना है, जहां ट्रेन निर्माण, डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं का विकास किया जाए। वंदे भारत 4.0 इसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है, जो भारत की मेक इन इंडिया नीति को भी और मजबूती देगा।
350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी वंदे भारत 4.0
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अब हाई-स्पीड पैसेंजर ट्रेन कॉरिडोर तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। यह कॉरिडोर जापान की बुलेट ट्रेन नेटवर्क की तरह होगा, जहां ट्रेनों की रफ़्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकेगी। ऐसे कॉरिडोर देश के प्रमुख शहरों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा से जोड़ेंगे, जिससे भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति आ सकती है।
वंदे भारत 4.0 ट्रेन में होगी खास सुवधिाएं
वंदे भारत 4.0 ट्रेन को अब तक की सबसे उन्नत तकनीक से बनाया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा। नई ट्रेन सेट में निम्नलिखित उन्नत फीचर्स होने की संभावना है:
- बेहतर एयरोडायनमिक डिजाइन
- कम शोर
- आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम
- बेहतर ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency)
- यात्रियों के लिए और भी आरामदायक सीटें
- अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और स्मार्ट निगरानी तकनीक।
भारत पहले ही वंदे भारत एक्सप्रेस के पिछले तीन वर्जन लॉन्च कर चुका है, जिन्होंने भारतीय रेलवे की छवि को आधुनिक और हाई-टेक बनाया है। अब वंदे भारत 4.0 के आने से भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेल निर्माण में एक नई पहचान बना सकेगा।