संवत 2081 के 5 सबसे बड़े IPO विनर्स: स्टैलियन इंडिया ने दिया 268% से ज़्यादा रिटर्न, निवेशकों की हुई बंपर कमाई

पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली के बीच देश के आईपीओ बाजार में कई कंपनियां उतरीं और दलाल स्ट्रीट के काउंटर पर दर्ज हो गईं। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, संवत 2081 में पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ के ज़रिए कुल 1.75 ट्रिलियन रुपये जुटाने वाली 103 प्रमुख कंपनियों में से, स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स, जिका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस, क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, आदित्य इन्फोटेक और एथर एनर्जी निवेशकों के लिए सबसे बड़ी मुनाफा देने वाली बनीं। यानी, इन्होंने निवेशकों के वेल्थ को कई गुना बढ़ाया।

दलाल स्ट्रीट में भारतीय कंपनियों का डेब्यू

संवत 2081 में दलाल स्ट्रीट में डेब्यू करने वाली कुछ अन्य भारतीय कंपनियों में टाटा कैपिटल, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (NSDL), स्विगी, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और विशाल मेगा मार्ट शामिल हैं। लेकिन रिटर्न के मामले में विनर स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स रही।

टॉप 5 IPO का परफॉर्मेंस

  1. स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स: परफॉर्मेंस के चार्ट पर स्टैलियन इंडिया के शेयर (CMP – ₹388.05) 90 रुपये के इश्यू प्राइस से 268.94 फीसदी और 120 रुपये की लिस्टिंग प्राइस से 176.71 फीसदी ऊपर रहे।
  2. जिंका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस (ब्लैकबक): इसके बाद जिंका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस का स्थान रहा, जिसके शेयर (CMP – ₹679.90) 273 रुपये के इश्यू प्राइस से 149.05 फीसदी ऊपर तथा 279.05 रुपये की लिस्टिंग प्राइस से 143.68 फीसदी ऊपर रहे।
  3. क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट: यह दूसरे स्थान पर रहा, जिसके शेयर (CMP – ₹1,010.30) 425 रुपये के इश्यू प्राइस से 137.72 फीसदी और 432.05 रुपये की लिस्टिंग कीमत से 133.86 फीसदी ऊपर रहे।
  4. आदित्य इन्फोटेक: आदित्य इन्फोटेक ने भी शानदार रिटर्न दिया, जिसके शेयर (CMP – ₹1,359.65) 675 रुपये के इश्यू प्राइस से 101.43 फीसदी और 1,018 रुपये की लिस्टिंग प्राइस से 33.59 फीसदी ऊपर रहे।
  5. एथर एनर्जी: इस लिस्ट में एथर एनर्जी (CMP- ₹623.80) 321 रुपये के इश्यू प्राइस से 94.33 फीसदी और 326.05 रुपये की लिस्टिंग प्राइस से 91.32 फीसदी ऊपर रहे।

IPO की गति और मार्केट आधुनिकीकरण

आईपीओ की यह गति भारत के अपने कैपिटल मार्केट के आधुनिकीकरण और लॉन्ग टर्म विदेशी पूंजी आकर्षित करने के व्यापक प्रयास को दर्शाती है। भारत के सिक्योरिटीज मार्केट नियामक ने पिछले महीने बहुत बड़ी निजी कंपनियों के लिए पब्लिक होने को आसान बनाने के लिए मानदंडों में बदलाव किया है, जबकि केंद्रीय बैंक ने हाल ही में आईपीओ में भाग लेने वाले निवेशकों को कर्ज देने के नियमों में भी ढील दी है।


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