24 घंटे में तट से टकराएगा गहरा डिप्रेशन,चेन्नई, तिरुवल्लूर समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा डिप्रेशन (Deep Depression) और मजबूत हो गया है, और यह अगले 24 घंटों के भीतर उत्तरी तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की उम्मीद है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC), चेन्नई ने गुरुवार (23 अक्टूबर) को यह जानकारी दी।
मौसम प्रणाली के चक्रवात में बदलने की आशंका थी, लेकिन तट के करीब होने के कारण इसकी संरचना बाधित हुई और यह आगे मजबूत नहीं हो पाया। हालांकि, इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ व्यापक बारिश होने की संभावना है।
5 जिलों में चरम चेतावनी
RMC ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और रानीपेट— इन पाँच जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने भी प्रकाशम, नेल्लोर, कुरनूल, चित्तूर और तिरुपति जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है।
खतरा टला नहीं, डिप्रेशन फिर पकड़ेगा जोर
मौसम विज्ञानियों ने कहा है कि तट से टकराने के बाद गहरा डिप्रेशन आंतरिक हिस्सों में जाकर थोड़ा कमजोर हो सकता है, लेकिन 26 अक्टूबर (रविवार) के आसपास यह वापस समुद्र में जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह प्रणाली पानी के ऊपर फिर से तेज हो सकती है, जिससे अगले सप्ताह की शुरुआत में बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है।
उत्तरी तटीय जिलों में 16 अक्टूबर को उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत के बाद से ही सक्रियता बनी हुई है। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और दक्षिण तटीय क्षेत्रों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। तिरुपति जिले के श्रीकालाहस्ती और थोट्टमबेडु मंडलों में पिछले दो दिनों में 176 मिमी से 184 मिमी तक की रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई है।