कहां खरीदें ताज़ा घेवर? न्यू सत्यनारायण मिठाई भंडार सहित स्थानीय दुकानों और ऑनलाइन स्टोर पर बढ़ी मांग
घेवर (Ghevar) सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और लोक आस्थाओं का प्रतीक है। जयपुर के रंगीन बाजारों, तेजाजी के मेले और तीज के त्योहार की रौनक का स्वाद इसी अनूठी मिठाई में समाया हुआ है। आटे, घी और चीनी के मेल से बनी इसकी ‘छत्ते जैसी’ अनूठी बनावट, मलाई या सूखे मेवों से सजी समृद्धि, और पारंपरिक बनाने की प्रक्रिया इसे देश की अन्य मिठाइयों से अलग करती है। तीज, गणगौर और मकर संक्रांति जैसे त्योहार इसके बिना अधूरे माने जाते हैं।
हैदराबाद में घेवर की बढ़ती लोकप्रियता
हैदराबाद अब सिर्फ बिरयानी के लिए नहीं, बल्कि राजस्थानी घेवर के बेजोड़ स्वाद के लिए भी जाना जाने लगा है। शहर में रह रहे हजारों राजस्थानी परिवारों के लिए घेवर उनकी विरासत और जड़ों से जुड़ने का माध्यम है।
- बढ़ती मांग के कारण: इसकी बढ़ती मांग का कारण केवल राजस्थानी समुदाय नहीं है। फूड ब्लॉग्स, सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर घेवर की आकर्षक तस्वीरों और स्वाद की तारीफों ने स्थानीय हैदराबादी लोगों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ा दी है।
- सांस्कृतिक मेल: स्थानीय लोग अब घेवर को त्योहारों और विशेष अवसरों पर पारंपरिक हैदराबादी मिठाइयों के साथ-साथ प्रमुखता से जगह दे रहे हैं।
ताज़ा घेवर कहाँ से खरीदें?
हैदराबाद में घेवर की मांग को देखते हुए कई मिठाई विक्रेताओं ने इसे बेचना शुरू कर दिया है:
- प्रमुख विक्रेता: राजस्थान के प्रसिद्ध मिठाई घराने जैसे न्यू सत्यनारायण मिठाई भंडार (New Satyanarayan Mithai Bhandar) ने अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण एक बड़ा ग्राहक वर्ग तैयार किया है।
- उपलब्धता: कई स्थानीय मिठाई विक्रेता और ऑनलाइन फूड स्टोर भी त्योहारों के मौसम में ताज़ा घेवर की आपूर्ति कर रहे हैं। प्लेन घेवर, मावा घेवर और मलाई घेवर की मांग सबसे ज़्यादा रहती है।
एक मिठाई, दो संस्कृतियों का मीठा संगम
घेवर की हैदराबाद में बढ़ती लोकप्रियता दर्शाती है कि स्वाद की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। यह मिठाई का सफर भारत की विविध संस्कृतियों के बीच एक मीठा पुल (सेतु) है। जहाँ बिरयानी हैदराबाद की पहचान है, वहीं अब घेवर राजस्थान की मिठास लेकर हैदराबादियों के दिलों में अपनी जगह बना रहा है, जो देश की अनेकता में एकता की भावना को मजबूत करता है।