महिला सशक्तिकरण के नाम पर LeT का खौफनाक जाल! हाफिज सईद के परिवार की महिलाएं चला रहीं ‘ब्रेनवॉश क्लास’, वीडियो हुआ लीक

इस्लामाबाद: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने महिला सशक्तिकरण के नाम पर एक नई और खतरनाक चाल चली है। उसने मुस्लिम महिलाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के लिए ‘मुस्लिम वीमेन लीग’ (MWL) और ‘मुस्लिम गर्ल्स लीग’ (MGL) नाम से दो संगठन बना रखे हैं। पहली नज़र में ये संगठन महिलाओं के उत्थान और शिक्षा के लिए काम करते दिखते हैं, लेकिन इसकी आड़ में लश्कर समाज में जिहादी सोच का प्रसार कर रहा है।
इन दोनों संगठनों का नेतृत्व खुद मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के परिवार की महिलाएं करती हैं। इनका असली मकसद महिलाओं को धीरे-धीरे कट्टरपंथ की तरफ मोड़ना है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसने इस षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया है।
क्लास का वीडियो आया सामने: सेना के खिलाफ भरी जा रही नफरत MWL और MGL के कामकाज को इस तरह पेश किया जाता है, जैसे वे मुस्लिम महिलाओं को समाज में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हों। महिला सशक्तिकरण का लेबल लगाकर ये संगठन अपनी सकारात्मक छवि बनाते हैं। लेकिन हालिया वीडियो में लश्कर का एक सदस्य MWL की महिलाओं को भारतीय सेना के हालिया ऑपरेशनों के बारे में क्लास लेता दिखाई देता है। यह सत्र किसी जागरूकता कार्यक्रम जैसा न होकर, दरअसल एक ब्रेनवॉश सेशन है।
इसमें महिलाओं को बताया जाता है कि भारतीय सेना मुस्लिमों के खिलाफ साज़िश रच रही है और उन्हें इस ‘ज़ुल्म’ के खिलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए। यह धीरे-धीरे महिलाओं में एक झूठी नफरत और प्रतिशोध की भावना भरने का एक सुनियोजित तरीका है।
हथियार नहीं, विचार हैं नया टारगेट लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन अब समझ चुके हैं कि हथियारों से ज़्यादा असर विचारों से पड़ता है। इसीलिए वे अब महिलाओं और युवतियों को निशाना बना रहे हैं, ताकि वे घरों और स्कूलों में जिहादी सोच का प्रसार कर सकें। कई बार इन महिलाओं का इस्तेमाल प्रचार फैलाने, गुप्त संदेश पहुँचाने या संगठन के लिए सहानुभूति जुटाने में भी किया जाता है। कुल मिलाकर, MWL और MGL जैसे संगठन महिलाओं को सशक्त नहीं, बल्कि अपने आतंकी एजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वे शिक्षा और समाज सेवा के नाम पर उनके मन में ज़हर घोल रहे हैं।