आपके बैंक अकाउंट, लॉकर और सेफ कस्टडी के लिए बड़ा अपडेट! 1 नवंबर से लागू होगा बैंकिंग कानून संशोधन, कम होगी उत्तराधिकार की जटिलता

आपके बैंक अकाउंट, लॉकर और सेफ कस्टडी के लिए बड़ा अपडेट! 1 नवंबर से लागू होगा बैंकिंग कानून संशोधन, कम होगी उत्तराधिकार की जटिलता

बैंक अकाउंट, लॉकर और सेफ कस्टडी की नॉमिनेशन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि अगले महीने की शुरुआत यानी 1 नवंबर से, ग्राहक अपने खातों में अधिकतम चार नॉमिनी का चयन कर सकेंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उत्तराधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करना और ग्राहक की मृत्यु के बाद दावा निपटान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।

बैंकिंग कानून संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत नॉमिनी चयन के ये नए नियम 1 नवंबर से लागू होंगे।

नए संशोधन में क्या-क्या बदलाव आ रहे हैं?

  1. कई नॉमिनी का चयन: ग्राहक अब अधिकतम चार नॉमिनी के नाम एक साथ या सीरियल (क्रमिक) रूप से तय कर सकते हैं।
  2. डिपॉजिट अकाउंट के नॉमिनी: जमाकर्ता अपनी पसंद के अनुसार नॉमिनी के नाम क्रमानुसार निर्धारित कर सकते हैं। इसमें, यदि कोई ग्राहक चार नॉमिनी तय करता है, तो मुख्य नॉमिनी की मृत्यु के बाद ही दूसरे नॉमिनी का नाम स्वतः प्रभावी होगा।
  3. सेफ कस्टडी और लॉकर के सामान के नॉमिनी: लॉकर और सेफ कस्टडी में रखी वस्तुओं के मामले में, बैंक केवल क्रमिक उत्तराधिकार के रूप में ही नॉमिनी को मान्यता देगा।
  4. एक साथ नॉमिनेशन (प्रतिशत आवंटन): निवेशक चार नॉमिनी बना सकते हैं और प्रत्येक नॉमिनी के लिए रिटर्न राशि का कितना प्रतिशत आवंटित होगा, यह पहले से ही स्पष्ट रूप से तय कर सकते हैं।

इस बदलाव से दावा निपटान के मामले में निवेशक और उनके नामित नॉमिनी के बीच बहुत अधिक पारदर्शिता और सुविधा बनेगी।

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