पोलिंग बूथ पर मिलेगी वोटर सहायता, लेकिन अंदर मोबाइल और सेल्फी पर ‘नो एंट्री’!
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर पहले चरण का मतदान 6 नवम्बर को होना है। इसे लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। आयोग का दावा है कि इस बार वोटरों को सभी पोलिंग सेंटरों पर न्यूनतम सुविधाएं और वोटर सहायता प्रदान की जाएगी ताकि मतदाताओं को वोट की जांच के लिए भटकना न पड़े।
पोलिंग बूथ पर मिलेंगी ये 7 अनिवार्य सुविधाएं
चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि पोलिंग सेंटरों पर आने वाले मतदाताओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों:
१. पीने का पानी २. वेटिंग शेड (प्रतीक्षा क्षेत्र) ३. पानी की सुविधा वाला शौचालय ४. पर्याप्त रोशनी ५. वोटरों के लिए सही ढलान वाला रैंप ६. एक स्टैंडर्ड वोटिंग कंपार्टमेंट ७. सही साइनेज (दिशा सूचक चिन्ह)
वोटर जागरूकता को मजबूत करने के लिए, चार स्टैंडर्ड वोटर फैसिलिटेशन पोस्टर (VFP) भी लगाए जाएंगे, जिनमें पोलिंग सेंटर की डिटेल्स, उम्मीदवारों की लिस्ट, क्या करें और क्या न करें, जैसी महत्वपूर्ण जानकारी होगी।
पोलिंग सेंटर के अंदर ‘नो सेल्फी’
आयोग की इस चुनाव में एक नई पहल है। इस बार वोटरों के लिए पोलिंग सेंटर के प्रवेश द्वार के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा दी जाएगी। वोटरों को स्टेशन में प्रवेश करने से पहले अपना मोबाइल स्विच ऑफ करके वॉलंटियर को देना होगा और वोट डालने के बाद उसे वापस लेना होगा। इस दौरान, वोटर सेंटर के अंदर सेल्फी नहीं ले सकेंगे।
सहायता के लिए तैनात रहेंगे BLO
भारतीय चुनाव आयोग के मुताबिक, हर पोलिंग सेंटर लोकेशन पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की एक टीम के साथ वोटर सहायता बूथ (VABs) स्थापित किए जाएंगे। ये बूथ वोटरों को वोटर लिस्ट में अपना पोलिंग बूथ नंबर और सीरियल नंबर ढूंढने में मदद करेंगे। आयोग का कहना है कि मतदान से पहले पोलिंग सेंटरों के सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि मतदान के दिन वोटरों को कोई समस्या न हो।