देश के 53वें CJI बनेंगे जस्टिस सूर्य कांत, नियुक्ति प्रक्रिया शुरू; जानिए हिसार से सर्वोच्च न्यायालय तक का सफर
जस्टिस बी.आर. गवई के 52वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के रूप में शपथ लेने के पांच महीने बाद, केंद्र सरकार ने उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान CJI के बाद सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने वाले हैं।
23 नवंबर 2025 को रिटायर होंगे CJI गवई
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस बी.आर. गवई 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर 23 नवंबर, 2025 को पद छोड़ देंगे। सूत्रों का हवाला देते हुए, एजेंसी ने कहा कि सरकार जल्द ही जस्टिस गवई को औपचारिक संचार भेजेगी, जिसमें उन्हें स्थापित प्रक्रिया के अनुसार अपने उत्तराधिकारी की सिफारिश करने का अनुरोध किया जाएगा। परंपरा के मुताबिक, केंद्रीय कानून मंत्री निवर्तमान CJI के रिटायरमेंट से लगभग एक महीने पहले अगले CJI की नियुक्ति के लिए उनकी सिफारिश मांगते हैं।
जस्टिस सूर्य कांत होंगे अगले CJI
नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति को नियंत्रित करने वाले दस्तावेज़ (Memorandum of Procedure – MoP) के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को ही CJI नियुक्त किया जाता है। वर्तमान CJI के बाद वरिष्ठता क्रम में अगले स्थान पर जस्टिस सूर्य कांत ही हैं, और उम्मीद है कि उनके नाम की सिफारिश की जाएगी। एक बार नियुक्ति औपचारिक हो जाने के बाद, वह 24 नवंबर, 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
फरवरी 2027 तक रहेगा कार्यकाल
जस्टिस कांत लगभग 15 महीने तक भारतीय न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे, और उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 को समाप्त होगा।
जस्टिस सूर्य कांत: एक परिचय
जस्टिस सूर्य कांत, जो संवैधानिक, सेवा और सिविल कानून में अपनी गहरी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं, का न्यायिक करियर चार दशकों से अधिक का है।
- प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: जस्टिस कांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 1985 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अभ्यास शुरू किया।
- कानूनी करियर: 7 जुलाई 2000 को वह हरियाणा के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल नियुक्त हुए और मार्च 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट नामित किया गया। 9 जनवरी 2004 को वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने।
- राष्ट्रीय योगदान: उन्होंने दो कार्यकाल तक नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) की गवर्निंग बॉडी के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।
- CJI पद तक का सफर: 5 अक्टूबर 2018 को जस्टिस कांत ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला। 24 मई 2019 को उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत किया गया। वर्तमान में, वह सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।
जस्टिस सूर्य कांत की यह पदोन्नति कानून और जनसेवा के प्रति उनके आजीवन समर्पण को दर्शाती है।