सबरीमाला सोना चोरी मामला, SIT ने कर्नाटक के ज्वैलर की दुकान से 400 ग्राम से अधिक सोना किया बरामद

नई दिल्ली: सबरीमाला सोना चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि कर्नाटक के बल्लारी में ज्वैलर गोवर्धन की दुकान से सोना बरामद किया गया है। एसपी शशिधरण के नेतृत्व में इस ऑपरेशन में 400 ग्राम से अधिक सोने के बिस्किट बरामद हुए हैं। इसके अलावा, केरल के पठानमथित्ता जिले के पुलिमथ में उन्नीकृष्णन पोत्ती के घर से सोने के सिक्के और लगभग ₹2,00,000 नकद जब्त किए गए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पोत्ती ने लगभग 476 ग्राम सोना बाजार भाव पर बेचा था, जिसे गोवर्धन ने खरीदा था। दोनों के बीच पैसे के लेन-देन के रिकॉर्ड भी मिले हैं। चेन्नई की स्मार्ट क्रिएशंस ने पोत्ती के निर्देश पर कल्पेश नामक एक बिचौलिए को कुछ सोना सौंपा था। यह ऑपरेशन लंबित सबरीमाला मामले को बंद करने की दिशा में SIT की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


सबरीमाला सोना चोरी मामला और जांच

केरल हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त SIT सबरीमाला सोना गुमशुदगी मामले की जाँच कर रही है, जिसमें पहली बार 2019 में अनियमितताएँ पाई गई थीं। द्वारपालक मूर्तियों और पीठम पर सोने से ढके तांबे के आवरणों को जीर्णोद्धार के लिए भेजा गया था, लेकिन लौटने पर उनका वजन कम पाया गया था।

  • आरोपों की पृष्ठभूमि: त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (TDB) ने इन वस्तुओं को ‘तांबा’ लेबल किया था, जबकि इनमें सोना मौजूद था, जिससे अधिकारियों की लापरवाही और संभावित संलिप्तता का संदेह पैदा हुआ।
  • अभियुक्तों की पहचान: इन निष्कर्षों के बाद, हाईकोर्ट ने SIT का गठन किया, जिसने दो मामले दर्ज किए हैं जिसमें भक्त उन्नीकृष्णन पोत्ती और TDB अधिकारियों सहित दस आरोपियों के नाम शामिल हैं।
  • निष्पक्ष जांच के लिए कदम: अदालत ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इन-कैमरा सुनवाई के दौरान मीडिया और सार्वजनिक पहुंच पर रोक लगा दी और SIT को हर दस दिन में अपडेट जमा करने का निर्देश दिया। मंदिर की मूल्यवान वस्तुओं की पूरी सूची बनाने के लिए पूर्व न्यायाधीश के टी शंकरन को नियुक्त किया गया है।
  • जांच का विस्तार: इस मामले ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, और जांच इस बात पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या इसी तरह की विसंगतियाँ अन्य दक्षिणी राज्यों में भी हुई हैं। अधिकारी लापता हुए सोने की पूरी सीमा का पता लगाने और सबरीमाला की पवित्र संपत्तियों के प्रबंधन में उचित जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।

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