आयुर्वेद में ‘औषधियों की रानी’ है तुलसी, जानें कैसे यह बढ़ाती है ‘प्राणवायु’ और रखती है शरीर-मन को स्वस्थ

प्रकृति ने हमें अनगिनत ऐसे पौधे दिए हैं, जो न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं बल्कि मन को भी शांति प्रदान करते हैं। इन्हीं में से एक है तुलसी। भारत में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं बल्कि ‘देवी’ का स्वरूप माना जाता है। हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा होना शुभ माना जाता है क्योंकि यह वातावरण को शुद्ध करता है और जीवन ऊर्जा यानी ‘प्राणवायु’ को बढ़ाता है।
आयुर्वेद में तुलसी को ‘औषधियों की रानी’ कहा गया है, जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को संतुलित रखने में मदद करती है। ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार कहते हैं कि तुलसी में पाए जाने वाले औषधीय गुण इसे बेहद खास बनाते हैं। इसके पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं। यही कारण है कि यह सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, और गले के संक्रमण में बेहद प्रभावी है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता और श्वसन तंत्र के लिए वरदान
रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी की कुछ पत्तियां चबाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ती है। तुलसी रक्त को शुद्ध करने के साथ-साथ शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को भी बाहर निकालती है।
श्वसन तंत्र के लिए तुलसी किसी वरदान से कम नहीं है। जो लोग अस्थमा, सर्दी, या सांस से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए तुलसी बेहद लाभदायक है। तुलसी की चाय का नियमित सेवन फेफड़ों को मजबूत बनाता है और ऑक्सीजन लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे ‘प्राणवायु बढ़ाने वाला पौधा’ कहा जाता है।
तनाव निवारक और हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
मानसिक स्वास्थ्य की बात करें तो तुलसी तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। इसमें मौजूद एडैप्टोजेनिक गुण शरीर को तनाव की स्थिति में भी संतुलित रखते हैं। तुलसी की खुशबू मन को शांत करती है और एकाग्रता बढ़ाती है। पढ़ाई या ऑफिस के तनाव से गुजर रहे लोगों के लिए तुलसी की चाय एक नैचुरल तनाव निवारक ड्रिंक साबित हो सकती है।
डॉ. राजकुमार के अनुसार, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी तुलसी बहुत उपयोगी है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को नियंत्रित करती है। तुलसी के एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं।
घर में पॉजिटिव एनर्जी का स्रोत
तुलसी सिर्फ बीमारियों से ही नहीं बचाती बल्कि हमारे वातावरण को भी शुद्ध करती है। यह ऑक्सीजन का उत्सर्जन करती है और हवा में मौजूद हानिकारक गैसों को अवशोषित करती है। घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा लगाने से न केवल घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है बल्कि वातावरण भी स्वस्थ रहता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
तुलसी के सेवन के कई तरीके हैं। आप इसे कच्चा खा सकते हैं, इसकी चाय बना सकते हैं या फिर तुलसी के अर्क (एक्सट्रैक्ट) का उपयोग कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों को शहद के साथ लेने से गले के दर्द और खांसी में तुरंत राहत मिलती है। तुलसी का काढ़ा सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में कारगर है।