सिर्फ 1 देश पार कर पहुंचें थाइलैंड! भारत-म्यांमार-थाईलैंड ट्राइलैटरल हाईवे से जुड़े 7 शहरों का रूट मैप
थाइलैंड भारतीयों के बीच सबसे ज्यादा घूमने वाले देशों में से एक है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, करीब 20 लाख भारतीय थाइलैंड घूमने पहुंचे। थाइलैंड अपनी नाइट लाइफ के अलावा थाई फूड, बौद्ध मंदिर और खूबसूरत लोकेशंस के लिए भी मशहूर है।
भारत से थाइलैंड की दूरी और समय:
थाइलैंड जाने के लिए दो मुख्य रूट हैं: हवाई रूट और रोड ट्रिप।
- हवाई यात्रा: विमान से करीब 2900 से 3200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें लगभग 4 से 6 घंटे का समय लगता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली से बैंकॉक (2950 किमी) पहुंचने में 4 घंटे 20 मिनट और बेंगलुरू से (2461 किमी) 3.5 से 4 घंटे लगते हैं।
- रोड ट्रिप: सड़क मार्ग से थाइलैंड की लंबी यात्रा करते हैं तो लगभग 4,305 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
रास्ते में कितने देश पड़ते हैं?
भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ के तहत विकसित किए गए भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग (IMT Trilateral Highway) के जरिए रोड ट्रिप करने पर, भारत और थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक के बीच रास्ते में सिर्फ एक देश (म्यांमार) पड़ता है।
यह राजमार्ग मोरेह (मणिपुर) से शुरू होकर म्यांमार के रास्ते पश्चिमी थाईलैंड के माई सोत को जोड़ता है। रोड ट्रिप का रूट कुछ ऐसा होगा:
मोरेह (मणिपुर, भारत) $\rightarrow$ मांडले (म्यांमार) $\rightarrow$ नाएप्यीडॉ (म्यांमार) $\rightarrow$ बागो (म्यांमार) $\rightarrow$ म्यावाड्डी-माई सोत (म्यांमार) $\rightarrow$ ताक (थाईलैंड) $\rightarrow$ बैंकॉक (थाईलैंड)।
रोड ट्रिप का सबसे अच्छा समय:
इस रोमांचक रोड ट्रिप पर जाने का सबसे अच्छा समय नवंबर और फरवरी के बीच होता है, क्योंकि इस दौरान भारत, म्यांमार और थाईलैंड में मौसम ठंडा और शुष्क होता है। सड़कों की स्थिति अनुकूल होती है और मानसून खत्म होने के कारण म्यांमार में यात्रा सुगम रहती है।
जरूरी बातें जिनका ध्यान रखें:
अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP) आमतौर पर जरूरी होता है। हालांकि, म्यांमार की यात्रा के लिए IDP अनिवार्य नहीं है, फिर भी म्यांमार के राजनीतिक समूहों या अधिकारियों के साथ किसी भी विवाद से बचने के लिए इसे साथ रखना उचित है। इसके अलावा, आपका वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना IDP मान्य नहीं माना जाता है।