तमिलनाडु में बड़ा ‘कैश फॉर जॉब’ घोटाला: सरकारी नौकरी के लिए 25-35 लाख रिश्वत का आरोप, ED ने CM स्टालिन पर लगाया आरोप
तमिलनाडु की राजनीति में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा खुलासा किया है। केंद्रीय एजेंसी ने तमिलनाडु पुलिस को चेतावनी दी है कि राज्य के नगर प्रशासन और जल आपूर्ति (MAWS) विभाग में बड़े पैमाने पर “कैश फॉर जॉब” घोटाला हुआ है। ED को इस घोटाले का पता एक बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान चला, जो स्थानीय रियल एस्टेट फर्म TVH और DMK मंत्री के एन नेहरू के एक रिश्तेदार से जुड़ा हुआ है।
ED के पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी पाने के लिए 25 लाख से 35 लाख रुपये तक की रिश्वत दी। आरोप है कि इस भारी रिश्वत के बदले लगभग 150 उम्मीदवारों को सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और टाउन प्लानिंग अधिकारी जैसे पदों पर नियुक्त किया गया।
ED का दावा है कि इन नियुक्तियों में मुख्य हस्तक्षेप राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (MK Stalin) का था, जिन्होंने 6 अगस्त 2025 को इन नियुक्तियों को मंजूरी दी थी। जांच के दौरान कई सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर ED ने इस घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
जांच एजेंसी ने टेलीफोन कॉल, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों के माध्यम से सबूत इकट्ठा किए हैं। ED का आरोप है कि नौकरी पाने के लिए रिश्वत का यह चक्र एक सुव्यवस्थित ढांचे के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। इस तरह की गतिविधियों ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता भंग की है और सही योग्य उम्मीदवारों को अवसर से वंचित किया है।
हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और DMK पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन गंभीर आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि यह घोटाला राज्य की जनभावनाओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है।