कम पानी और कम श्रम में दोगुना मुनाफा! गुलाबी ताइवान अमरूद की खेती में सफलता, खरपतवार नियंत्रण के 3 आसान तरीके
भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और पानी की समस्या के कारण पारंपरिक फसलों की खेती में किसानों का मुनाफा घट रहा है। यही वजह है कि अब देश के किसान गेहूं, धान या मक्का जैसी फसलों के बजाय बागवानी (फल, सब्जी, फूल और औषधीय पौधे) की ओर रुख कर रहे हैं, जो तुलनात्मक रूप से अधिक लाभदायक है। कम पानी और कम श्रम में अच्छी आय देने वाली फसलों में आम, अमरूद, पपीता और ड्रैगन फ्रूट की खेती तेजी से बढ़ रही है।
बागवानी के क्षेत्र में, किसानों के लिए गुलाबी ताइवान अमरूद (Pink Taiwan Guava) विशेष रूप से पसंदीदा है। यह अमरूद साल में दो बार फसल देता है। चूंकि सर्दियों की फसल कटाई के लिए तैयार हो रही है, इसलिए किसानों को अब अपने बागानों की उचित देखभाल करना अनिवार्य है। खासकर मानसून के दौरान तेजी से बढ़ने वाले खरपतवार अमरूद के पौधों के उत्पादन को काफी कम कर सकते हैं।
खरपतवार फसल को क्यों नुकसान पहुंचाते हैं?
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार, खरपतवार किसी भी फसल के लिए एक बड़ी समस्या हैं, क्योंकि:
- वे मुख्य फसल के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।
- वे मिट्टी से अमरूद के पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को सोख लेते हैं।
- इसके परिणामस्वरूप मुख्य फसल की उपज में उल्लेखनीय कमी आती है और किसानों की लागत बढ़ जाती है।
इसलिए जिन किसानों के पास अमरूद के बाग हैं, उन्हें तुरंत खरपतवार हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
खरपतवार नियंत्रण के 3 प्रभावी उपाय:
अमरूद के बागानों में खरपतवार नियंत्रण मुख्य रूप से तीन प्रभावी तरीकों से किया जा सकता है:
- मैनुअल तरीका (श्रमिकों द्वारा): पहला तरीका है श्रमिकों को लगाकर खरपतवारों को काटना और खेत से हटाना, इसके बाद निराई करना। यह पर्यावरण के अनुकूल है और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखता है।
- यांत्रिक तरीका (पावर वीडर): किसान यांत्रिक रूप से भी खरपतवार हटा सकते हैं। अमरूद के पौधों की पंक्तियों के बीच की जगह को साफ करने के लिए पावर वीडर का उपयोग किया जा सकता है। यह खरपतवारों को नष्ट कर देता है और जमीन को साफ करता है।
- रासायनिक तरीका (खरपतवारनाशक): तीसरा तरीका है खरपतवारनाशक (Herbicide) का स्प्रे करना। स्प्रे करने के बाद खरपतवार सूखकर मिट्टी में मिल जाते हैं। इसके बाद अमरूद के पौधों को आवश्यक पोषक तत्व देने से उनकी वृद्धि तेजी से होती है।