प्याज को आलू के पास क्यों नहीं रखना चाहिए? जान लें सही स्टोरेज का तरीका, नहीं तो तेजी से पनपेगी फफूंदी

स्वास्थ्य चेतावनी। प्याज भारतीय रसोई का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी प्याज पर दिखने वाले काले या भूरे धब्बों पर ध्यान दिया है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज पर दिखने वाले ये धब्बे अक्सर फंगल इंफेक्शन या फफूंदी के कारण होते हैं, और इन्हें नज़रअंदाज़ करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

फंगस और माइकोटॉक्सिन्स का खतरा: ये धब्बे नमी, गलत स्टोरेज और हवा की कमी के कारण प्याज की बाहरी सतह पर विकसित होते हैं। फफूंद से निकलने वाले माइकोटॉक्सिन्स शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, मितली, दस्त और, गंभीर मामलों में, लिवर डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कब इस्तेमाल करें और कब फेंक दें?

  • सुरक्षित इस्तेमाल: यदि काले धब्बे केवल ऊपरी परत पर हैं, और प्याज अंदर से सख्त, सूखा और साफ है, तो बाहरी परत हटाकर इसे उपयोग में लाया जा सकता है।
  • तुरंत फेंक दें: यदि काले या भूरे निशान, गंध, या नरमपन प्याज के अंदर तक महसूस हो, तो इसे बिना किसी संदेह के तुरंत फेंक देना चाहिए। लंबे समय तक ऐसी प्याज खाने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।

सही स्टोरेज के टिप्स: फफूंदी के विकास को रोकने के लिए:

  • प्याज को हमेशा ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर स्टोर करें। इन्हें गीली जगह या प्लास्टिक बैग में न रखें।
  • सबसे महत्वपूर्ण टिप: प्याज को आलू के साथ स्टोर न करें, क्योंकि आलू से निकलने वाली गैसें प्याज को जल्दी खराब कर सकती हैं और फंगस को बढ़ावा देती हैं।

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