SIR डर के साए में, पुरानी वोटर लिस्ट से ‘गायब’ एक पूरा बूथ और ८४२ वोटरों के नाम, अशोकनगर में मचा हड़कंप

राज्य में ‘SIR’ (State Identity Register) या वोटर लिस्ट के गहन संशोधन प्रक्रिया के बीच उत्तर २४ परगना के अशोकनगर में भारी चिंता का माहौल है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड की गई २००२ की संशोधित वोटर लिस्ट से अशोकनगर गुमा-१ नंबर पंचायत क्षेत्र का एक पूरा बूथ और दूसरे बूथ के कई वोटरों के नाम ‘गायब’ हो गए हैं। इस घटना से वोटरों में ‘बांग्लादेशी का ठप्पा’ लगने का डर फैल गया है।

दो बूथों के नाम हुए गायब:

गुमा-१ नंबर पंचायत क्षेत्र में मुख्य रूप से दो बूथों को लेकर समस्या है:

  • बूथ नंबर १५९ (पुराना ५४ नंबर): घोषपाड़ा, मालीपाड़ा और चूरीपाड़ा इलाके से बना यह पूरा बूथ ही कमीशन के पोर्टल पर मौजूद नहीं है। इस इलाके के लगभग ८४२ वोटरों के नाम हट गए हैं।
  • बूथ नंबर ६१: इस बूथ के भी ७१ वोटरों (सीरियल नंबर ३४३ से ४१४ तक) के नाम लिस्ट से गायब होने की शिकायत है।

विधायक का आरोप और वोटरों की दहशत:

अशोकनगर के टीएमसी विधायक नारायण गोस्वामी ने इस घटना को ‘धांधली’ करार दिया है। उनका आरोप है कि वैध वोटरों के नाम सूची से हटाकर धांधली की जा रही है। उन्होंने तुरंत दोनों बूथों की हार्ड कॉपी वापस करने की मांग करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी शशांक शेट्टी को पत्र लिखा है।

उधर, घोषपाड़ा इलाके के निवासी गहरी चिंता में हैं। स्थानीय वोटर गौतम घोष ने कहा:

“हम देश आज़ाद होने से पहले से रह रहे हैं, ज़मीन के कागजात समेत सभी दस्तावेज़ मौजूद हैं। फिर भी नाम क्यों नहीं है, समझ नहीं आ रहा। बांग्लादेशी कहे जाने के डर से दहशत फैली हुई है।

अन्य दो वोटरों, रमा घोष और मनीषंकर घोष ने भी इसी तरह की आशंका व्यक्त की, “अगर हमें बांग्लादेशी बताकर डिटेंशन कैंप ले जाया गया तो!”

प्रशासन का पक्ष:

जिलाधिकारी शशांक शेट्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया और कहा, “ठीक क्या हुआ है, इसकी जाँच की जा रही है। संभवतः सर्वर की किसी समस्या के कारण ऐसा हुआ होगा।”

गौरतलब है कि इस बार SIR प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग २००२ की संशोधित वोटर लिस्ट को ही आधार मान रहा है। इस दौरान जिन वोटरों के नाम मौजूद नहीं हैं, उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ दिखाने होंगे, जिससे आम जनता में चिंता बढ़ गई है।

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