रात में लाइट जलाकर सोना दिल के लिए खतरनाक! रिसर्च में खुलासा, आर्टिफिशियल लाइट बढ़ाती है इंसुलिन, बढ़ता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
अगर आप रात में सोते समय कमरे में कृत्रिम रोशनी (Artificial Light) जलाकर रखते हैं, तो अनजाने में यह आपके दिल को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। हाल ही में एक शोध में पाया गया है कि रात में कृत्रिम रोशनी के संपर्क में रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, क्योंकि यह इंसुलिन के स्तर को बढ़ाकर हृदय रोग (Heart Disease) और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन जैसे मोबाइल फोन या लैपटॉप की रोशनी के अलावा, सूर्यास्त के बाद या सोने से ठीक पहले तेज़ रोशनी के संपर्क में आने से भी दिल को नुकसान होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कमरे में लाइट जलाकर सोने का स्वास्थ्य पर प्रभाव:
| स्वास्थ्य पर असर | विवरण |
| इंसुलिन का स्तर बढ़ना | शोध से पता चला है कि हल्की रोशनी में भी सोने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ सकता है। लंबे समय तक इंसुलिन के स्तर में वृद्धि दिल के लिए हानिकारक है। |
| हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम | रात में लंबे समय तक तेज़ या कृत्रिम रोशनी के संपर्क में रहने से हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। |
| गहरी नींद में बाधा | रात की रोशनी शरीर को सतर्क रखती है, जिससे गहरी और निर्बाध नींद बाधित होती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से दिल के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। |
क्या करें? दिल की सेहत के लिए आसान टिप्स:
शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए सोने के लिए एक पूरी तरह से अंधेरा वातावरण बनाना आवश्यक है:
- पूर्ण अंधकार: रात को सोते समय कमरा पूरी तरह से अंधेरा रखें। बाहर की रोशनी रोकने के लिए खिड़कियों पर पर्दे कसकर लगाएँ।
- रोशनी का उपयोग कम करें: सोने से कम से कम एक घंटे पहले अनावश्यक और तेज़ रोशनी बंद कर दें।
- कृत्रिम रोशनी से बचें: सोने से पहले मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी जैसे नीली रोशनी के स्रोतों से दूर रहें।
इन सरल कदमों का पालन करके आप अपने दिल के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।