रेबीज से मौत का खतरा! सिर्फ कुत्ता-बिल्ली ही नहीं, इन 5 जानवरों के काटने पर तुरंत लगवाएं टीका

रेबीज एक जानलेवा बीमारी है जो कुत्ते, बिल्ली और बंदर जैसे जानवरों के काटने से फैल सकती है। यही वजह है कि ऐसे किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की गाइडलाइंस बताती हैं कि सिर्फ पालतू या आवारा जानवर ही नहीं, बल्कि नेवला, मोल, छछूंदर, और खरगोश जैसे जंगली रोडेंट (कृंतक) जानवरों के काटने से भी रेबीज का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
गाइडलाइंस के अनुसार, यदि खेत या जंगल में किसी भी रोडेंट जानवर ने काटा है, तो रेबीज से बचाव के टीके (पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस) लगवाना बेहद जरूरी है। वहीं, सामान्य घरेलू चूहों के काटने से रेबीज होने की संभावना कम होती है, पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 20 मिनट तक धोना चाहिए। रेबीज की रोकथाम संभव है, लेकिन एक बार होने पर यह 100% घातक है, इसलिए सावधानी और वैक्सीनेशन ही एकमात्र उपाय है।