निवेशकों के लिए अच्छी खबर: SEBI ने TER और ब्रोकरेज चार्ज पर सीमा संशोधित करने का प्रस्ताव दिया
नवंबर का महीना म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए काफी खास होने वाला है। इस महीने एक साथ 5 नए फंड ऑफर (NFOs) खुले हैं। ये फंड अलग-अलग कैटेगरी में आते हैं—कुछ इंडेक्स और ईटीएफ (ETF) पर आधारित हैं, जबकि कुछ फंड ऑफ फंड (FoF) स्ट्रक्चर में हैं। यानी, निवेशकों को इस महीने अपने पोर्टफोलियो को नए अंदाज में डाइवर्सिफाई करने का बेहतरीन मौका मिल रहा है।
1. Axis Income Plus Arbitrage Passive FOF
एक्सिस म्यूचुअल फंड ने 28 अक्टूबर को यह फंड ऑफ फंड लॉन्च किया है, जो 11 नवंबर तक खुला रहेगा। यह फंड डेब्ट-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स, ETFs और आर्बिट्रेज फंड्स में निवेश करेगा ताकि निवेशकों को स्थिर रिटर्न के साथ इक्विटी जैसा टैक्स फाइलिंग लाभ मिल सके। इस फंड का लक्ष्य कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न देना है।
2. Kotak Nifty Chemicals ETF
कोटक निफ्टी केमिकल्स ईटीएफ एक ओपन-एंडेड स्कीम है जो Nifty Chemicals Index को ट्रैक करती है। यह फंड केमिकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों में निवेश करेगा। इसे 23 अक्टूबर को लॉन्च किया गया था और यह 6 नवंबर को बंद हो जाएगा। यह ETF निवेशकों को तेजी से बढ़ते भारतीय केमिकल सेक्टर में एक्सपोजर देता है।
3. Groww Nifty Midcap 150 ETF और Index Fund
ग्रोव म्यूचुअल फंड ने Groww Nifty Midcap 150 ETF और Groww Nifty Midcap 150 Index Fund दो नए स्कीम लॉन्च किए हैं। दोनों स्कीम्स Nifty Midcap 150 Index पर आधारित हैं और 11 नवंबर तक निवेश के लिए खुली रहेंगी। ये फंड उन निवेशकों के लिए हैं जो मिडकैप शेयरों के ज़रिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल तलाश रहे हैं।
4. Zerodha BSE Sensex Index Fund
ज़ेरोधा म्यूचुअल फंड ने 20 अक्टूबर को Zerodha BSE Sensex Index Fund लॉन्च किया है, जो भारत के सबसे पुराने और लोकप्रिय इंडेक्स BSE Sensex को ट्रैक करता है। यह फंड 3 नवंबर को बंद होगा और इसका उद्देश्य निवेशकों को Sensex की टॉप 30 कंपनियों में आसान और ट्रांसपेरेंट इंवेस्टमेंट का अवसर देना है।
SEBI का नया प्रस्ताव
इस बीच, SEBI ने म्यूचुअल फंड रेगुलेशन में बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है। इसमें टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) की नई परिभाषा तय की गई है और ब्रोकरेज चार्ज पर सीमा को संशोधित करने की योजना है। साथ ही, SEBI ने AMC को दिए गए अतिरिक्त 5 बेसिस पॉइंट (bps) चार्ज करने के अधिकार को हटाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे निवेशकों के खर्च में कमी आ सकती है।