WhatsApp पर पासवर्ड को कहें ‘बाय-बाय’! चैट बैकअप अब होगा फिंगरप्रिंट से! जानें क्या है Passkey.

अब आपको अपने WhatsApp चैट बैकअप को सुरक्षित रखने के लिए लंबे पासवर्ड या 64-अंकों वाली कोई जटिल ‘की’ याद रखने की जरूरत नहीं है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षा के साथ, WhatsApp ने अपने यूजर्स के लिए पासकी (Passkey) सपोर्ट रोलआउट कर दिया है।

पासकी वास्तव में क्या है?

पासकी पासवर्ड-मुक्त प्रमाणीकरण (Authentication) का एक आधुनिक तरीका है। यह पासवर्ड के बजाय आपके मोबाइल के फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या स्क्रीन लॉक पिन/पैटर्न का उपयोग करके आपके अकाउंट को सत्यापित करता है। यह तरीका सरल होने के साथ-साथ बेहद सुरक्षित भी है।

चैट बैकअप कैसे सुरक्षित होता है?

नया पासकी फीचर गूगल ड्राइव या आईक्लाउड पर सेव किए गए एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को जोड़ता है। जहां पहले बैकअप को रीस्टोर करने के लिए जटिल पासवर्ड या 64-अंकों की ‘की’ की जरूरत होती थी, वहीं अब केवल आपका फिंगरप्रिंट या फेस आईडी ही काफी है। इससे बैकअप एक्सेस करना तेज़ और सुरक्षित हो जाता है।

पासकी-आधारित बैकअप कैसे सक्रिय करें?

यदि आपके फोन में यह फीचर आ गया है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके पासकी-आधारित एन्क्रिप्टेड बैकअप शुरू कर सकते हैं:

  1. WhatsApp खोलें।
  2. Settings (सेटिंग्स) विकल्प पर जाएं।
  3. Chats (चैट्स) पर टैप करें।
  4. Chat backup (चैट बैकअप) चुनें।
  5. End-to-end encrypted backup पर टैप करें।
  6. प्रमाणीकरण विधि के रूप में Passkey (पासकी) चुनें और अपने बायोमेट्रिक विवरण के साथ पुष्टि करें।

भारतीय यूजर्स के लिए यह अपडेट क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में यूजर्स अक्सर फोन बदलते रहते हैं, इसलिए चैट हिस्ट्री को बनाए रखने के लिए बैकअप ज़रूरी है। यह पासकी अपडेट भारतीय यूजर्स के लिए बहुत फायदेमंद है। यह सुनिश्चित करता है कि डिवाइस चोरी हो जाने पर भी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के कारण आपका बैकअप सुरक्षित रहेगा और आप उसे आसानी से एक्सेस कर पाएंगे।

WhatsApp ने स्टोरेज मैनेजमेंट के लिए एक नया फीचर भी पेश किया है, जो दिखाता है कि कौन सी चैट कितनी स्टोरेज ले रही है, जिससे यूजर्स को स्टोरेज मैनेज करने में मदद मिलती है।

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