आपके अकाउंट का डेटा ‘डार्क वेब’ पर! गृह मंत्रालय की बड़ी चेतावनी—Mega Scam का खतरा, ऐसे बचें

नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया का सबसे अंधेरा हिस्सा—डार्क वेब (Dark Web)—अब साइबर अपराधियों का नया अड्डा बन गया है। हाल ही में गृह मंत्रालय (MHA) के आधिकारिक साइबर सुरक्षा हैंडल ‘साइबर दोस्त’ (CyberDost) ने डार्क वेब के जरिए बढ़ रहे अपराधों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ठग अब डार्क वेब पर से चुराए गए संवेदनशील डेटा का इस्तेमाल कर आम लोगों को बड़े पैमाने पर निशाना बना रहे हैं।

कैसे हो रही है ठगी? साइबर अपराधी सबसे पहले किसी कंपनी, बैंक या वेबसाइट से चोरी हुआ डेटा डार्क वेब पर खरीदते हैं। इस डेटा में ईमेल, मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारियां होती हैं। इसके बाद, वे इन्हीं जानकारियों का उपयोग करके लोगों को फोन, ईमेल या मैसेज भेजकर धोखा देते हैं।

ठग खुद को बैंक या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को बताते हैं कि उनके खाते में कोई संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है। डर या भ्रम की स्थिति में लोग अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं या किसी दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनका पैसा या डेटा चोरी हो जाता है।

क्या है ‘डार्क वेब’? डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसे गूगल या याहू जैसे आम सर्च इंजन से एक्सेस नहीं किया जा सकता। इसे देखने के लिए Tor Browser जैसे विशेष सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। यहाँ यूजर की पहचान और लोकेशन पूरी तरह छिपी रहती है, जिसका फायदा साइबर क्रिमिनल्स उठाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि डार्क वेब ‘डीप वेब’ का हिस्सा है, जहाँ डेटा चोरी, हैकिंग टूल्स की बिक्री और फर्जी पहचान बनाने जैसी गैरकानूनी गतिविधियाँ बड़े पैमाने पर होती हैं।

ठगी से बचने के ५ अचूक उपाय: १. मजबूत पासवर्ड: हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड सेट करें। २. 2FA ऑन करें: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को हर हाल में चालू रखें। ৩. लिंक पर भरोसा नहीं: किसी भी अनजान लिंक, ईमेल या कॉल पर भरोसा न करें। ४. गोपनीयता बनाए रखें: बैंक या सरकारी संस्था आपसे कभी भी OTP या पासवर्ड नहीं मांगती। ५. सॉफ्टवेयर अपडेट: अपने मोबाइल और कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट रखें।

अगर आप ठगी के शिकार होते हैं, तो तुरंत cybercrime.gov.in या 112 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें। डिजिटल युग में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।


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