‘नौकरी से बर्खास्त होने पर पेंशन खत्म!’ केंद्रीय कर्मचारियों की रिटायरमेंट सुविधाओं पर फैलाई जा रही अफवाह, क्या है CCS पेंशन नियम 2021 में संशोधन?
वर्तमान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नए वित्त अधिनियम 2025 (Finance Act 2025) के तहत नौकरी समाप्त होने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उनकी पेंशन और डीए (महँगाई भत्ता) की सुविधाएँ मिलनी बंद हो जाएँगी। यह संदेश पूरी तरह से भ्रामक और झूठा है। पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) ने इस पर एक फैक्ट-चेक किया है और खबर को निराधार बताया है।
व्हाट्सएप पर प्रसारित संदेश में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने 2025 के वित्त अधिनियम के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए डीए वृद्धि और वेतन आयोग संशोधन जैसे सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों को वापस ले लिया है। पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
हालांकि, पेंशन से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन किया गया है, जिसका इस्तेमाल कुछ लोग झूठी खबरें फैलाने के बहाने के रूप में कर रहे हैं।
वास्तव में क्या बदलाव हुआ है?
पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक में बताया कि सीसीएस पेंशन नियम 2021 के नियम 37 में संशोधन किया गया है। यह संशोधन मुख्य रूप से अनुचित आचरण के लिए बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति सुविधाओं से संबंधित है।
इन परिस्थितियों में नहीं मिलेगी पेंशन
संशोधित नियम के अनुसार:
- यदि कोई पीएसयू (PSU) कर्मचारी किसी सरकारी नौकरी में शामिल होता है और बाद में गंभीर कदाचार के लिए उसे बर्खास्त (Dismissed) या हटाया (Removed) जाता है, तो उसकी पेंशन और सभी सेवानिवृत्ति लाभ स्थायी रूप से समाप्त हो जाएँगे।
- पहले ऐसा नहीं होता था, लेकिन अब सजा को और सख्त कर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि यह नियम कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
पिछले और वर्तमान नियम में अंतर
- पिछला नियम: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में नौकरी से बर्खास्त या हटाए गए कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ रद्द नहीं किए जा सकते थे। ऐसे कर्मचारियों को ये लाभ मिलते थे।
- वर्तमान नियम: सरकार ने अब इस प्रावधान को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। भविष्य में, बर्खास्तगी के बाद कोई भी कर्मचारी सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त नहीं कर पाएगा।
- अन्य लाभ भी रद्द: नए नियम में यह भी कहा गया है कि अच्छे आचरण के आधार पर पेंशन, पारिवारिक पेंशन या अनुकंपा भत्ता प्रदान करने का प्रावधान अब बर्खास्त या हटाए गए कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
इसलिए, यह दावा पूरी तरह से झूठा है कि सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और डीए सुविधाएँ वापस ली जा रही हैं। यह नियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिन्हें अनुचित या कदाचार के कारण नौकरी से बर्खास्त किया गया है।