सर्जरी से पहले खाली पेट रहना क्यों आवश्यक है? छोटी सी गलती भी बन सकती है जानलेवा!

किसी भी बड़ी सर्जरी या ऑपरेशन से पहले मरीजों को एक सख्त निर्देश का पालन करना होता है—एक निश्चित समय तक, जो अक्सर आठ से बारह घंटे तक होता है, कुछ भी खाना या पीना नहीं है। इस सख्ती का मुख्य कारण एनेस्थीसिया है। सर्जरी के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए जब एनेस्थीसिया दिया जाता है, तो शरीर की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, जिसमें भोजन नली और श्वास नली के जोड़ की मांसपेशियां भी शामिल हैं। इस स्थिति में, यदि पेट भरा हुआ हो तो भोजन या एसिड आसानी से श्वास नली में प्रवेश कर फेफड़ों तक पहुंच सकता है।
चिकित्सा विज्ञान में इस घटना को ‘पल्मोनरी एस्पिरेशन’ कहा जाता है, जिसके परिणाम अत्यंत भयावह हो सकते हैं। एनेस्थीसिया के प्रभाव से श्वास नली की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली निष्क्रिय हो जाती है, जिससे पेट का एसिड फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर तीव्र रासायनिक सूजन पैदा कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप, ‘एस्पिरेशन न्यूमोनिया’ हो सकता है, जो रोगी के श्वसन तंत्र को विफल करके मृत्यु का कारण भी बन सकता है। इसीलिए, चिकित्सक जान के जोखिम से बचने के लिए सर्जरी से कम से कम ६ से ८ घंटे पहले से ठोस भोजन बंद रखने पर जोर देते हैं।