सुबह उठते ही करें ये 4 आयुर्वेदिक काम! लंबी उम्र और सेहत का मिलेगा वरदान

आयुर्वेद, जो जीवन और स्वास्थ्य का प्राचीन विज्ञान है, सुबह उठने के साथ ही कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह देता है। ‘ब्रह्म मुहूर्त’ (सुबह 4:30 से 6 बजे के बीच) में जागना शरीर की जैविक घड़ी को प्रकृति के तालमेल में लाता है, जिससे मानसिक स्पष्टता और ऊर्जा का संतुलन बना रहता है। सुबह उठकर ठंडे पानी से चेहरा और आंखें धोना, और तांबे या स्टील के टंग क्लीनर से जीभ साफ करना, शरीर के विषाक्त पदार्थों को हटाता है। यह आदत पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है।
इसके अतिरिक्त, अपनी दिनचर्या में प्राणायाम (साँस लेने का अभ्यास) को शामिल करना भी महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास मस्तिष्क में ऑक्सीजन का उचित संचार सुनिश्चित करता है, फेफड़ों को डिटॉक्सिफाई करता है और तनाव को कम करता है। शोध बताते हैं कि ऐसे योग अभ्यास फेफड़ों के कार्य में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं। इन सरल आयुर्वेदिक नियमों का पालन करके आप न केवल स्वस्थ रहेंगे, बल्कि एक जीवंत और दीर्घायु जीवन जी सकेंगे।