‘क्या भारत हसीना को फाँसी देगा?’ मृत्युदंड की घोषणा के बाद बांग्लादेश में तनाव, प्रत्यर्पण को लेकर सस्पेंस!
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मृत्युदंड की सज़ा सुनाए जाने के बाद भारत से उनके प्रत्यर्पण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। यह फैसला आते ही, भारत में रह रहीं हसीना को लेकर बांग्लादेश के नागरिकों और आवामी लीग कार्यकर्ताओं के बीच भारी चिंता और उत्सुकता पैदा हो गई है।
मयमनसिंह डिवीजन के शेरपुर जिले के निवासी प्रणय चंद्र सुशील जैसे कई लोग सवाल पूछ रहे हैं, “दादा, क्या भारत शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेज देगा?” और “क्या सच में हसीना को फाँसी हो जाएगी?”
भारतीय दलों के रुख पर सबकी नज़र:
हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में भारत सरकार (Government of India) क्या कदम उठाएगी, इसे लेकर बांग्लादेश में गहरी रुचि है। विशेष रूप से, आवामी लीग (Bangladesh Awami League) यह जानने को उत्सुक है कि बीजेपी (BJP), आरएसएस (RSS) और कांग्रेस (Indian National Congress) जैसे प्रमुख भारतीय राजनीतिक दलों का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड होगा। आवामी लीग के नेताओं को उम्मीद है कि भारत, हसीना का प्रत्यर्पण नहीं करेगा।
बारीशाल के निवासी निक्सन हलदार, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल में हैं, ने बताया कि फैसले के बाद आवामी लीग ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भले ही पार्टी अब कागजों पर प्रतिबंधित है, आवामी लीग ने ‘अवैध मोहम्मद यूनुस सरकार के अन्याय, जनविरोधी गतिविधियों और न्याय के नाम पर किए जा रहे नाटक के खिलाफ जन आंदोलन को तेज करने’ के लिए 13 नवंबर को ढाका लॉकडाउन कार्यक्रम का आह्वान किया था। सरकार, पुलिस और सेना की बाधाओं के बावजूद हसीना की मौत की सज़ा के खिलाफ विरोध जारी है।
बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति:
हसीना को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश में फिर से तनाव बढ़ गया है और विभिन्न जिलों में हिंसा फैल गई है। मयमनसिंह की स्थिति पर प्रणय चंद्र ने बताया, “शहर में माहौल शांत है, लेकिन तनाव बना हुआ है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में स्थिति सामान्य है। हम फिलहाल शांति से रह पा रहे हैं।” इस पूरे घटनाक्रम में भारत सरकार का अगला कदम ही बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।