ISL का भविष्य ‘अंधेरे में’, बांग्लादेश से भी हारी टीम इंडिया, फुटबॉल को बचाने के लिए ईस्ट बंगाल ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

भारतीय फुटबॉल इस समय गहरे संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ देश की शीर्ष लीग आईएसएल (ISL) का भविष्य कॉर्पोरेट रुचि न होने के कारण दांव पर लगा है, वहीं राष्ट्रीय टीम की भी हालत ‘तथैवच’ है। एएफसी एशियन कप में क्वालिफाई करने से चूकने के बाद, खालिद जमील की टीम को हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा, जिससे भारत फीफा रैंकिंग में 142वें स्थान पर खिसक गया है।

इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, कोलकाता के दिग्गज क्लब ईस्ट बंगाल ने भारतीय फुटबॉल को पुनर्जीवित करने के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। क्लब अध्यक्ष मुरारी मोहन लोहिया के हस्ताक्षर से पीएमओ को भेजे गए पत्र में आईएसएल और अन्य लीगों के आयोजन को लेकर अनिश्चितता पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “आईएसएल कब और कैसे शुरू होगा, इस बारे में इस समय किसी के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है। यह अनिश्चितता देश के खेल के भविष्य के लिए एक खतरा और चिंता पैदा करती है।” क्लब ने पीएम से ‘कॉर्पोरेट जगत का विश्वास बहाल करने और लीग को सुचारू रूप से चलाने’ के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस बीच, देश के फुटबॉल प्रशंसक आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई की ओर देख रहे हैं, जिससे इस गतिरोध को दूर करने में बड़ी राहत मिल सकती है।

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